Bihar News: बिहार में उद्योग लगाने का सपना देख रहे उद्यमियों के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया गया है. अब राज्य में किसी भी नए उद्योग की स्थापना के लिए जरूरी सभी प्रकार की स्वीकृतियां महज 30 दिनों के भीतर मिल जाएंगी. सरकार ने इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) सचिवालय को एकल नोडल एजेंसी के रूप में प्राधिकृत किया है.
31वें दिन मिलेगा क्लीयरेंस नहीं रुकेगा काम
पहले उद्यमियों को अपना प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए अलग-अलग विभागों से 33 से 34 तरह की अनुमतियां लेने में महीनों का लंबा इंतजार करना पड़ता था. अब इस जटिल प्रक्रिया को खत्म कर दिया गया है. नई व्यवस्था में यदि संबंधित विभाग या सक्षम प्राधिकार निर्धारित 30 दिनों की समय-सीमा के भीतर आवेदन पर निर्णय नहीं ले पाते हैं, तो SIPB सचिवालय स्वयं 'डीम्ड क्लीयरेंस' जारी कर देगा. यह व्यवस्था प्रशासनिक निर्देशों से ऊपर उठकर विधिक रूप से बाध्यकारी होगी.
20 लाख करोड़ के निवेश की संभावना
बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य को औद्योगिक हब बनाना है. इस दिशा में डेटा सेंटर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है. सरकार का दावा है कि एनडीए सरकार के एक साल पूरा होने तक राज्य में 20 लाख करोड़ रुपये का बड़ा निवेश आने की संभावना है. जीएसटी से मिलने वाली बढ़ी हुई केंद्रीय राशि ने राज्य के विकास को गति दी है, जिससे बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं.
सुविधाओं और विकास का डबल इंजन
बिहार और देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की नीतीश सरकार के तालमेल से घर-घर बिजली, शुद्ध पेयजल और खाद्य सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं. बिहार आज सबसे सस्ती और भरपूर बिजली उपलब्ध कराने वाले राज्यों में से एक है.
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