Tata Motors की कार इस्तेमाल करने वाले को सावधान हो जाने की जरूरत है. भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने Tata Motors के कनेक्टेड कार ऐप्स iRA 2.0 और iRA.ev में चार बेहद गंभीर सुरक्षा खामियों की पहचान की है. सरकारी सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, इन खामियों का फायदा उठाकर कोई भी हैकर आपकी कार का संवेदनशील डेटा चुरा सकता है, कार मालिक का फर्जी रूप (इम्पर्सनेट) धर सकता है, या फिर ओनर की मंजूरी के बिना ऐप के डेटा में मनचाहा बदलाव कर सकता है.
CERT-In ने इसको लेकर एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है. सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि iRA 2.0 के वर्जन 26.7.3 और उससे पुराने, और iRA.ev के वर्जन 26.7.2 और उससे पुराने वर्जन इन सुरक्षा खतरों की चपेट में हैं.
ये Tata कारें होंगी इससे प्रभावित
आपको बता दें कि ये खामियां सीधे Tata की गाड़ियों में नहीं, बल्कि गाड़ियों को कंट्रोल करने वाले कनेक्टेड ऐप्स में पाई गई हैं. ग्राहक इन दोनों ही ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर से डाउनलोड करके अपनी गाड़ियों से कनेक्ट करते हैं. इन ऐप्स की मदद से कार मालिक को रिमोट व्हीकल कमांड्स (जैसे फोन से कार लॉक/अनलॉक करना), लोकेशन और ट्रिप की जानकारी, गाड़ी की सेहत और मॉनिटरिंग, व पेट्रोल या बैटरी चार्ज जैसी कई स्मार्ट सुविधाएं मिलती हैं.
iRA 2.0 ऐप Tata की पेट्रोल और डीजल गाड़ियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जबकि iRA.ev ऐप कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों के लिए है. iRA 2.0 ऐप को पहली बार अगस्त 2024 में Tata Curvv के लॉन्च के समय पेश किया गया था. अब Tata की सभी नई पेट्रोल-डीजल कारें (जैसे कि अपकमिंग Tata Sierra) इसी ऐप पर काम करती हैं. पुरानी गाड़ियों को भी धीरे-धीरे मूल iRA ऐप से इस नए ऐप पर माइग्रेट किया जा रहा है. वहीं iRA.ev ऐप को कूपे-इलेक्ट्रिक Tata Curvv.ev के साथ लॉन्च किया गया था. आप अपने फोन के प्ले स्टोर या ऐप स्टोर पर जाकर चेक कर सकते हैं कि आप कौन सा वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं. CERT-In ने सभी प्रभावित Tata कार मालिकों को तुरंत अपना ऐप लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करने की सलाह दी है.
ऐप में सुरक्षा खामियां
एडवाइजरी के मुताबिक, पहली बड़ी खामी दोनों ऐप्स के कोड से जुड़ी है. CERT-In ने बताया कि ऐप्स के कोड में बैकएंड सर्विस अकाउंट के पासवर्ड और टोकन्स सीधे एम्बेड हुए हैं. इसका फायदा उठाकर हैकर्स बैकएंड सिस्टम में घुसकर संवेदनशील डेटा चुरा सकते हैं. दूसरी कमी ऐप के अंदर खुलने वाले वेबपेज के अपर्याप्त वेरिफिकेशन से जुड़ी है. इसके कारण ऐप्स किसी भी लिंक को खोलने से पहले उसकी सुरक्षा की ठीक से जांच नहीं करते हैं, जिससे हैकर्स यूजर को कोई भी खतरनाक लिंक भेजकर उसकी निजी जानकारियां हासिल कर सकते हैं.
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तीसरी खामी ये है कि ऐप्स के डेवलपमेंट और टेस्टिंग के समय बनने वाले लॉग्स में सेशन टोकन्स दर्ज हो रहे हैं. अगर कोई हैकर इन लॉग्स तक पहुंच बना लेता है, तो वह आपके एक्टिव सेशन को हैक करके कार की डिटेल्स एक्सेस कर सकता है. वहीं चौथी कमी SSL सर्टिफिकेट पिनिंग के ठीक से लागू न होने से जुड़ी है, जिससे हैकर्स ऐप और बैकएंड सर्वर के बीच होने वाले नेटवर्क ट्रैफिक को बीच में ही रोककर डेटा चुरा सकते हैं. इस कमी का पता लगाने का श्रेय रिसर्चर प्रणव राजेंद्रन को दिया गया है.
ये चेतावनी ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में कनेक्टेड सिस्टम्स पर साइबर हमले लगातार बढ़ रहे हैं. हाल ही में यूरोप के सुपरमार्केट्स के फ्रिज का तापमान बढ़ाने की घटना हो, या फिर साल 2022 में टोयोटा और 2025 में जगुआर लैंड रोवर के ऑपरेशन्स पर हुए साइबर हमले हों, ये सभी गाड़ियों की कनेक्टिविटी को लेकर चिंताएं बढ़ाते हैं. यहां तक कि 2016 में भी रिसर्चर्स ने दिखाया था कि साल 1995 से बिकी लगभग 10 करोड़ वोक्सवैगन कारों को रिमोटली अनलॉक किया जा सकता था. आज के दौर में AI-असिस्टेड साइबर हमले भी तेजी से बढ़ रहे हैं. CERT-In ने पहले भी चेतावनी दी है कि 'क्राफ्टी फाल्कन' (Crafty Falcon) नाम के हैकर ग्रुप AI टूल्स का इस्तेमाल करके बैंकों और फाइनेंशियल संस्थानों को निशाना बना रहा है.
टाटा मोटर्स का बयान
टाटा मोटर्स ने एनडीटीवी को बताया कि वह अपने ग्राहकों की सुरक्षा और गोपनीयता को बहुत गंभीरता से लेती है. वे अपनी एक्टिव साइबर सुरक्षा प्रोसेस के तहत, संभावित खामियों का पता लगाने के लिए लगातार अपने सिस्टम की निगरानी करते हैं और CERT-In के साथ मिलकर काम करते हैं. साथ जरूरी जानकारी ट्रांसपेरेंट तरीके से शेयर करते हैं.
iRA 2.0 और iRA.ev एप्लिकेशन में पाई गई खामियों को सॉफ्टवेयर अपडेट और बेहतर सुरक्षा उपायों के जरिए ठीक कर दिया गया है. CERT-In की सलाह के अनुसार, अगस्त और सितंबर 2026 में iRA 2.0 (वर्जन 26.8.2) और iRA.ev (वर्जन 26.9.1) के लेटेस्ट वर्जनों पर अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया था. जब यूजर्स इन एप्लिकेशन को खोलते हैं, तो उन्हें अपने आप अपडेट का नोटिफिकेशन मिल जाता है, जिसे कुछ ही मिनटों में 'ओवर-द-एयर' (बिना किसी केबल के) पूरा किया जा सकता है. सभी एक्टिव यूजर्स के लिए अपडेट रोलआउट पूरा हो चुका है. जिन ग्राहकों ने अभी तक अपडेट नहीं किया है, हम उनसे भी संपर्क कर रहे हैं ताकि वे लेटेस्ट वर्जनों पर आ सकें।
उन्होंने आगे कहा कि जांच से पता चला है कि ग्राहकों का डेटा और वाहन से जुड़ी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित है. ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे पता चले कि किसी ने बिना अनुमति के ग्राहकों की जानकारी, व्यक्तिगत डेटा या वाहन से जुड़ी जानकारी तक पहुंच बनाई हो या उसे नुकसान पहुंचाया हो. वे अपने ग्राहकों की सुरक्षा और बचाव सुनिश्चित करने के लिए लगातार अपने सिस्टम की निगरानी कर रहे हैं.
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