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मनोरंजन भारती

पिछले ढाई दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय मनोरंजन भारती अपनी राजनीतिक पैठ और अपने राजनैतिक विश्लेषणों के लिए जाने जाते हैं। वे एनडीटीवी के सबसे भरोसेमंद और अनुभवी चेहरों में हैं जिन्होंने कई लोकसभा और विधानसभा चुनाव कवर किए हैं, देश के तमाम बड़े नेताओं के इंटरव्यू लिए हैं और अलग-अलग अवसरों पर कई महत्वपूर्ण राजनीतिक ख़बरें ब्रेक की हैं।

  • दो खेल ऐसे हैं जिनमें काफी प्रगति हुई है वह है शूटिंग और बैडमिंटन. मगर अब एथलेटिक्स ने लोगों को यह उम्‍मीद दी है कि आने वाला समय एथलीटों का होने वाला है. खासकर दुती चंद, हेमा दास और नीरज चोपड़ा, मंजीत सिंह, जिन्‍सन जॉनसन जैसे लोगों से काफी उम्मीदें हैं. इस सब के पीछे फेडरेशन और सरकार की मेहनत साफ दिख रही है.ओलिंपिक में पदक जीतने वाले एक पूर्व खिलाड़ी का खेल मंत्री होना भी एक बहुत बड़ा कारण है. राज्‍यवर्धन राठौड़ का गेम्स विलेज में खिलाड़ि‍यों को अपने हाथ से खाना परोसने की तस्वीर भी वायरल हो रही है.
  • बिहार के मुजफ्फरपुर में ब्रजेश ठाकुर द्वारा 30 लड़कियों से रेप की पुष्टि और 48 लड़कियों के साथ घनौना व्यवहार का मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं जिससे न केवल सुशासन बाबू के नाम पर बट्टा लगा है बल्कि पूरे प्रशासन के तंत्र पर एक ऐसा सवाल खड़ा कर गया है कि आप कहेंगे कि क्या ऐसा भी हो सकता है...
  • ममता बनर्जी का दिल्ली दौरा विपक्षी एकता के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहा है. एक तरह से ममता ने दिल्ली आकर यहां नेताओं से मुलाकात की. लगता है उन्होंने यह तय कर लिया है कि विपक्षी एकता की धुरी वही बनने वाली हैं. शरद पवार, सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल से उनकी मुलाकात ने यह तय कर दिया कि विपक्षी एकता को एकजुट करने की बात अब गंभीरता से लेनी शुरू कर देनी चाहिए. ममता की विपक्षी नेताओं से कई मुद्दों पर बातचीत हुई है. उसमें एक है कि विपक्ष चाहता है कि अगला लोकसभा चुनाव वोटिंग मशीन के बजाए बैलेट पेपर से हो और इस पर एनडीए के दलों को छोड़कर सारा विपक्ष एकजुट है. हालांकि लगता नहीं है कि चुनाव आयोग विपक्ष की इस मांग को मानेगा. हां इतना जरूर है कि चुनाव आयोग यह कोशिश करेगा कि हरेक वोटिंग मशीन के साथ पर्ची निकलने की भी सुविधा हो, जिससे कि वोटर को पता चल सके कि उसने किसको वोट किया है.
  • आजकल इस बात की बड़ी चर्चा है कि कांग्रेस राफेल मुद्दे को इतनी जल्दी छोड़ने वाली नहीं है. पार्टी इस मुद्दे को 2019 के लोकसभा चुनाव तक जिंदा रखने की रणनीति बना रही है.
  • महाराष्ट्र में मराठा सड़कों पर हैं, वजह है आरक्षण... उनकी मांग है कि जो 72 हजार नौकरियों की भर्ती निकली है उसमें उनको आरक्षण दिया जाए..हाई कोर्ट ने फिलहाल नए प्रावधानों पर रोक लगा रखी है. मौजूदा प्रावधानों के अलावा किसी भी रिजर्वेशन पर रोक लगी हुई है इसलिए राज्य सरकार के पास काफी कम विकल्प बचे हैं.
  • साल 2019 के चुनाव से पहले ही प्रधानमंत्री कौन हो, इसको लेकर बहस तेज होती जा रही है. एनडीए की तरफ से तो साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही अगले प्रधानमंत्री होंगे मगर विपक्ष में इसको लेकर कई आवाजें हैं..
  • संसद भवन का सेंट्रल हॉल एक ऐसी जगह है जहां सभी सांसद, सभी दलों के नेता साथ-साथ बैठते हैं, साथ खाते हैं और गप्पें मारते हैं. साथ ही देश के राजनैतिक हालात पर खुल कर अपनी राय रखते हैं. संसद के गलियारे में हर जगह चर्चा थी कि अगला लोकसभा चुनाव कब होगा. कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.
  • लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव को बहस के लिए लोकसभा अध्यक्ष ने मंजूर कर लिया है. इसका मतलब है कि 10 दिनों के अंदर अविश्वास प्रस्ताव पर बहस होगी और वोटिंग भी. सरकार की तरफ से संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि सरकार इसके लिए तैयार है. दरअसल सरकार की रणनीति ये है कि हमेशा के लिए इस हथियार को खत्म कर दिया जाए जिसकी धमकी विपक्ष दो बार से दे रहा है.
  • BJP अध्यक्ष अमित शाह बिहार में हैं और वहां सरकार बनने के बाद पहली बार नीतीश कुमार से मुलाकात की है... नाश्ते पर दोनों नेताओं की मुलाकात हुई है, और डिनर पर भी होगी... आखिर मतलब क्या है इन मुलाकातों का...
  • 2019 जैसे-जैसे नज़दीक आता जा रहा है, राजनैतिक हालात भी बदलते जा रहे हैं... कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार BJP से खुश नहीं हैं, और इसकी वजह है सीटों के बंटवारे को लेकर बयानबाजी... मगर अब देखते हैं कि 2014 से लेकर अब तक जितने भी चुनाव हुए हैं, उनमें BJP और उसके सहयोगी दलों की क्या हालत रही है.
  • फुटबॉल के लिहाज से ये अप्रवासी यूरोप के लिए वरदान से काम नहीं हैं. जहां तक देशों की बात करें, तो फ्रांस और स्विट्रजलैंड की आधी टीम अप्रवासियों से ही बनी है. 
  • कोर्ट ने कहा है कि एलजी दिल्ली के प्रशासनिक प्रमुख हैं, मगर यह भी कोर्ट ने साफ कर दिया कि अराजकता और तानाशाही के लिए भी कोई जगह नहीं है और जमीन और कानून व्यवस्था एलजी के पास ही रहेगा. लेकिन क्या यह साफ हो गया है कि दिल्ली का बॉस कौन है..?
  • फीफा वर्ल्ड कप अब क्वार्टर फाइनल के दौर में है. आठ सबसे अच्छी टीमें यहां तक पहुंची हैं जिसमें उरूग्वे का मुकाबला फ्रांस से, ब्राजील भिड़ेगी बेल्जियम से तो रूस खेलेगी क्रोसिया से और इंग्लैंड बनाम स्वीडन होगा. कई बड़े खिलाड़ियों की टीम इस वर्ल्ड कप से बाहर हो गई हैं.
  • खेल की दुनिया में फेयरप्ले प्वाइंट का कितना महत्व हो सकता है, क्या आपने कभी सोचा है... लोगों को लगता है कि यह केवल टीम का मनोबल बढ़ाने के लिए होते हैं, मगर यह पूरी तरह सच नहीं है... यह खेल का अहम हिस्सा हैं, और खासकर किसी भी टीम ईवेंट में...
  • बहुजन समाज पार्टी, यानी BSP ने पिछले महीने एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसके तहत अब मौजूदा BSP अध्यक्ष या उनके बाद जो भी BSP अध्यक्ष बनेगा, उसके जीते-जी या न रहने के बाद भी उसके परिवार के किसी नज़दीकी सदस्य को पार्टी संगठन में किसी पद पर नहीं रखा जाएगा.
  • फीफा वर्ल्ड कप मैच में साउथ कोरिया ने जर्मनी को 2-0 से हराकर इस वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा अपसेट किया है. वैसे भी इस वर्ल्ड कप में जर्मनी की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी. जर्मनी को अपने पहले ही मैच में कोलम्बिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था.
  • राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन इसी 1 जुलाई को रिटायर हो रहे हैं और इसी के साथ नए उपसभापति को लेकर सियासत तेज हो गई है. सरकार की तरफ से ये संकेत मिल रहे हैं कि वह भी इस पद के लिए उम्मीदवार उतारने वाली है, जबकि कांग्रेस की तरफ से ये संकेत मिल रहे हैं कि वो अपना उम्मीदवार तो नहीं उतारेगी मगर विपक्ष की तरफ से अगर कोई दल उम्मीदवार देता है तो उसे अपना सर्मथन दे सकती है.
  • खेल के 16वें मिनट में जैसे ही मेसी को गेंद मिली उसने पहले उसे अपने जांघों पर लिया और फिर डिफेंडर को मात देते हुए बायें पांव से ऐसा गोल दागा कि सबके मुंह से निकला होगा वाह क्या गोल है मेसी द मैजेसियन .मेसी का इस फीफा वर्ल्डकप में यह पहला गोल था. वैसे भी फीफा वर्ल्डकप के शुरू होने से पहले ही इस बात की चर्चा होने लगी थी कि रोनाल्डो के अधिक गोल होंगे कि मेसी के.जाहिर सी बात है कि मेसी से रोनाल्डो काफी निकल गए हैं.
  • बिहार में जेडीयू और बीजेपी गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. 2019 चुनाव से पहले अपनी-अपनी ताकत का बखान करने के लिए बयानबाजी तेज है. सबसे ताजा बयान जेडीयू के महासचिव संजय सिंह का है, जिसमें उन्होंने यह दावा किया है कि बीजेपी बिना नीतीश कुमार के 2019 का चुनाव नहीं जीत सकती और यह बात बीजेपी भी जानती है. उन्होंने यह भी कहा कि 2014 और 2019 में हालात में काफी अंतर है. संजय सिंह यहीं नहीं रुकते हैं. उन्होंने आगे कहा है कि बीजेपी सभी 40 सीटों पर लड़ने के लिए स्वतंत्र है.
  • बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बयान आया है कि वे राज्य में शराबबंदी कानून में बदलाव करना चाहते हैं. जाहिर है हाल के उपचुनावों में हार के बाद नीतीश कुमार अब अपनी रणनीति में बदलाव करना चाहते हैं.
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