Highest Train Route In World: किसे मालूम था कि रेल का एक ऐसा सफर भी हो सकता है, जहां खिड़की से बाहर दिल छू लेने वाले नजारों को देखते हुए मुंह पर ऑक्सीजन की नली भी लगानी पड़ सकती होगी. दरअसल, चीन में शिनिंग से ल्हासा के बीच करीब 22 घंटे के इस सफर में ट्रेन 16,500 फीट से भी ज्यादा ऊंचाई पर पहुंच जाती है, जहां ऑक्सीजन का स्तर बहुत गिर जाता है. सफर में जब ट्रेन पहाड़ों को चीरती हुई आगे बढ़ती है, तो अचानक सांसें फूलने लगती है. ऐसे में यात्रियों की सहूलियत और सुरक्षा के लिए ट्रेन में सीधे बर्थ के पास ही ऑक्सीजन की व्यवस्था दी गई है. इस दौरान यात्रियों के चेहरे पर डर नहीं, बल्कि एक अलग ही एक्साइटमेंट देखने को मिलती है.

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ऑक्सीजन मास्क के सहारे 22 घंटे का सफर (Oxygen mask needed during 22 hour journey)
ये सफर शिनिंग से शुरू होकर तिब्बत के ल्हासा तक जाता है. करीब 22 घंटे का ये रास्ता ऐसा होता है, जहां आपको जिंदगी भर न भूलने वाले नजारे देखने को मिलते हैं. समंदर की सतह से ट्रेन करीब 16,500 फीट से भी ज्यादा ऊंचाई पर पहुंच जाती है. इस ऊंचाई पर हवा में ऑक्सीजन का स्तर लगभग 40 प्रतिशत तक कम हो जाता है.
डिब्बों में दी गई है स्पेशल ऑक्सीजन सुविधा (Special oxygen support inside train compartments)
खास बात ये है कि, ऊंचाई बढ़ते ही यात्रियों की सहूलियत के लिए ट्रेन की हर बर्थ के पास ऑक्सीजन आउटलेट दिए गए हैं. यात्री अपनी ऑक्सीजन की नली लगाकर आराम से सांस ले सकते हैं. ट्रेन के अंदर रेस्टोरेंट, आरामदायक स्लीपर बेड और वो तमाम सुविधाएं मौजूद हैं जो किसी लग्जरी ट्रेन में होती हैं. वहीं बाहर बर्फ से ढके पहाड़, झीलें और घास के मैदान इस सफर को बेहद खूबसूरत बना देते हैं.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
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