जब भी हम मकान या फ्लैट खाली करते हैं, तो उसकी सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस करने को लेकर मकान मालिक से विवाद शुरू हो जाता है. अक्सर मकान मालिक फ्लैट में हुई छोटी-मोटी खराबी के चलते पूरा सिक्योरिटी डिपॉजिट काट लेते हैं. ऐसे में अक्सर हमारे मन में सबसे पहले यह सवाल उठता है कि आखिर कौन-सी डैमेज सामान्य इस्तेमाल (Wear and Tear) मानी जाएगी और किसे प्रॉपर्टी का नुकसान माना जाएगा? अगर आपके मन में भी इस तरह के सवाल हैं, तो यहां हम आपके इन्हीं सवालों का जवाब देने जा रहे हैं. आइए यहां जानते हैं क्या कहता है नियम-कानून..
हाई कोर्ट का फैसला
हाल ही में इस विषय पर दिल्ली हाई कोर्ट की टिप्पणी आई है, जिसकी वजह से यह सवाल फिर से चर्चा में आया है. दिल्ली हाई कोर्ट की ओर यह स्पष्ट किया गया है कि सामान्य रूप से इस्तेमाल होने वाली चीजों में टूट-फूट, जैसे दीवारों का रंग फीका पड़ना, पेंटिंग या रूटीन मेंटेनेंस का खर्च मकान मालिक को ही उठाना होगा. कोर्ट का कहना है कि इस तरह की मामूली नुकसान के नाम पर किरायेदार की सिक्योरिटी डिपॉजिट में कटौती नहीं की जा सकती.
क्या है Wear and Tear?
Wear to Tear का अर्थ है सामान्य टूट-फूट यानि किसी भी प्रॉपर्टी का इस्तेमाल करने की वजह से उसकी हालत में धीरे-धीरे खराब होना है. इस तरह का डैमेज समय के साथ अपने आप होती है, जैसे लगातार धूप पड़ने से दीवार का पेंट फीका पड़ना, दीवारों पर हल्के खरोंच के निशान या अधि इस्तेमाल होने वाली जगहों पर कारपेट का घिसना.
किरायेदारों के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि सामान्य टूट-फूट को ठीक करना आमतौर पर मकान मालिक की जिम्मेदारी मानी जाती है, जो रूटीन मेंटेनेंस का हिस्सा होता है. ये ऐसी समस्याएं हैं, जिन्हें आमतौर पर कम समय और कम खर्च में ठीक किया जा सकता है, जैसे दोबारा पेंट करना, घिसे हुए कारपेट को बदलना, या काउंटरटॉप को फिर से सील करना.
किन नुकसान को Wear and Tear की लिस्ट में शामिल कर सकते हैं?
- धूप या फिर समय के साथ दीवार की पेंट का धीरे-धीरे फीका पड़ना काफी नॉर्मल है. इसे नियमित टच-अप या पूरी तरह से दोबारा पेंट करके ठीक किया जा सकता है.
- नमी की वजह से समय के साथ वॉलपेपर का थोड़ा निकलना काफी कॉमन है.
- बार-बार इस्तेमाल से ब्लाइंड्स में टूट-फूट, जैसे डोरियों का उलझना या थोड़ा टूटना भी नॉर्मल है.
- ज्यादा इस्तेमाल वाली जगहों पर कालीन का पतला होना, लकड़ी के फर्श पर खरोंचें आना या लगातार चलने-फिरने से टाइल का रंग बदलना रोजमर्राके इस्तेमाल के संकेत हैं.
- खिड़की के फ्रेम पुराने होने या इमारत के स्वाभाविक रूप से बैठने के कारण आई दरारें नॉर्मल हैं, बशर्ते वे लापरवाही या गलत इस्तेमाल के कारण न हों.
- समय के साथ कैबिनेट के कब्जों का कड़ा हो जाना या थोड़ा टेढ़ा हो जाना टूट-फूट के संकेत हैं.
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