Indian Products Sold At High Price Abroad: सोचिए जिस मच्छर भगाने वाला कछुआ छाप कॉइल को भारत में सिर्फ 40 रुपये में खरीद सकते हैं, अगर वही आपको 6,500 रुपये में मिले तो आप क्या कहेंगे? यकीनन आपको ये मजाक लगेगा, लेकिन विदेशों में ऐसा ही हो रहा है. भारत की रोजाना यूज होने वाली चीजें पश्चिमी देशों के बाजारों में लग्जरी टैग के साथ भारी-भरकम कीमतों पर बेची जा रही हैं. कछुआ छाप कॉइल से लेकर रुद्राक्ष की माला और मखाने तक, पश्चिमी देशों में लग्जरी और एंशिएंट सुपरफूड बताकर बेचे जा रहे हैं.
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मखाना बन गया एंशिएंट सुपरफूड
पेरिस में मच्छर कॉइल 6,500 रुपये में बेची जा रही है. इतना ही नहीं, अगर आपको इसे रखने के लिए साथ में एक होल्डर चाहिए तो पूरी कीमत 14,000 रुपये तक पहुंच जाती है, जो चीज भारत में हर घर का आम हिस्सा है, वही विदेश में एलीट क्लास की पसंद बन चुकी है. वहीं ऋषिकेश और भारत के बाजारों में 80 रुपये में मिलने वाली रुद्राक्ष की माला यूरोप में 45 यूरो यानी लगभग 4,500 रुपये की बिक रही है. वहां के ब्रांड्स इसे 'हैंड-नॉटेड मेडिटेशन रोप' कहकर प्रमोट कर रहे हैं. इसके अलावा 150 रुपये वाला नीम टूथपेस्ट 'बोटेनिकल ओरल केयर' बनकर 2,000 रुपये में बिक रहा है. हमारे देश में 300 रुपये किलो मिलने वाला मखाना अमेरिका में 'एंशिएंट सुपरफूड' के नाम से 2,000 रुपये में बेचा जा रहा है. सोचने वाली बात ये है कि इन प्रोडक्ट में कोई बदलाव नहीं हुआ है. चीज वही पुरानी है, बस उसकी रीब्रांडिंग और पैकेजिंग ने उसकी कीमत 10 से 100 गुना तक बढ़ा दी है.
वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ये वीडियो 'shenaztreasury' नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. वीडियो के कैप्शन में लिखा है, 'प्रोडक्ट वही है, बस कहानी बदल गई.100 रुपये की चप्पलें विदेश में 14,000 के 'आर्टिसनल फ़ुटवियर' (हाथ से बने खास जूते) बन जाती हैं. मखाना एक महंगा 'सुपरफूड' बन जाता है. एक सिंपल सी माला लग्जरी वेलनेस एक्सेसरी बन जाती है. प्रोडक्ट वही है, पैकेजिंग बेहतर है और अचानक, हम इसके लिए 10 गुना ज्यादा कीमत चुकाने को तैयार हो जाते हैं. शायद मार्केटिंग का असली सबक यही है.' इस वीडियो को अब तक 46 हजार से अधिक लोग लाइक कर चुके हैं. वीडियो देख चुके एक यूजर ने लिखा, 'पश्चिमी देश मार्केटिंग में माहिर हैं.'
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(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
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