Gen Z Workplace Stress: आजकल ज्यादातर ऑफिसों का माहौल इतना ज्यादा स्ट्रेसफुल और टॉक्सिक होता जा रहा है कि, युवाओं का दम घुटने लगा है...ये हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि हाल ही में Gen Z एम्प्लॉइज पर आई एक रिपोर्ट्स में ऐसे ही चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं. आज का यूथ 9 से 5 की नौकरी और बॉस की चिक-चिक से परेशान होकर और बढ़ते तनाव को दूर करने के लिए नए नए रास्ते खोज रहे हैं. कोई लंच ब्रेक में फिल्म का टिकट लेकर सिनेमाघर में सोने चला जाता है, तो कोई मॉल के ट्रायल रूम में रो कर अपना स्ट्रैस दूर कर रहा है. वर्कप्लेस स्ट्रैस का ये फेस देखकर हर कोई हैरान है.
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फॉर्च्यून (Fortune) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आधे से ज्यादा जेन जी कर्मचारी काम के तनाव की वजह से रोने को मजबूर हैं. न्यूयॉर्क के रहने वाले बेन सैंडरसन का किस्सा ही ले लीजिए. उन्होंने 15 डॉलर का मूवी टिकट सिर्फ इसलिए खरीदी, ताकि वो सिनेमाघर की कंफर्टेबल सीट पर 90 मिनट की सुकून भरी नींद ले सकें. इस मामले पर बेन का कहना है कि, उन्होंने अपनी लाइफ की सबसे बेहतरीन नींद वहीं ली है और जब उन्होंने अपने इस एक्सपीरियंस को सोशल मीडिया पर शेयर किया, तो देखते ही देखते कमेंट सेक्शन में लोगों का दर्द उमड़ने लगा. सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां करते हुए लोगों ने बताया कि, वे सबवे स्टेशन से लेकर जारा (Zara) के फिटिंग रूम तक सभी जगह जाकर रो चुके हैं, लेकिन दर्द है कि कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है.

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वर्कप्लेस का कड़वा सच (Harsh Reality of Modern Workplaces)
आपको जानकर हैरानी होगी कि, ये सिर्फ एक या दो लोगों की कहानी नहीं है बल्कि कॉरपोरेट कल्चर से तंग युवा पीढ़ी का हाल है. 2025 के यूके के एक सर्वे के मुताबिक, 40 फीसदी यूथ कर्मचारी जॉब जॉइन करने के पहले ही रिजाइन देने की सोचने लगते हैं. अमेजन और अमेरिकी कंपनियों पर आए रिज्यूम नाउ (Resume Now) के एक आंकड़े के मुताबिक, 61 फीसदी कर्मचारियों का मानना है कि ऑफिसों में दूसरों की गलतियों का ठीकरा उनके सिर पर फोड़ दिया जाता है. रोज-रोज का ये बिहेवियर उन्हें मेंटली डिस्टर्ब कर रहा है.

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एआई का डर और बगावत का रास्ता (Fear of AI and Employee Sabotage)
माना जा रहा है कि, ये मामला सिर्फ टेंशन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें एआई (AI) यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी डर जुड़ चुका है. यूथ को लगता है कि, एआई उनकी नौकरी छीन रहा है. हाल ही में आई एक रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है कि, 44 परसेंट Gen Z अपनी कंपनियों के AI प्रोजेक्ट्स को चुपके से नुकसान (sabotage) पहुंचा रहे हैं. वहीं कुछ यूथ एआई का यूज करने से ही मना कर रहे हैं. सीनियर बॉस भी ये मान रहे हैं कि, अंदर की ये खींचतान उनके फ्यूचर के लिए बड़ा खतरा बन सकती है.
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