Trending: अमेरिका की मशहूर यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो में गणित के प्रोफेसर डेंग यू ने बताया है कि अगर आगे चलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से उनकी नौकरी खतरे में पड़ती है, तो उनका बैकअप प्लान क्या होगा? उन्होंने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'अगर AI मेरे दिए सारे मैथ्स प्रॉब्लम सॉल्व कर देगा तो मैं अपने घर चला जाऊंगा और वहां आराम से बैठकर रोमांस नॉवेल लिखना शुरू कर दूंगा'.
'AI की वजह से गणित के जानकारों में बेचैनी और बेसब्री'
इसके बाद 37 साल के प्रोफेसर ने चीनी सोशल मीडिया पर एक दूसरी पोस्ट में बताया, 'एआई ने गणित के जानकारों के बीच बेचैनी और बेसब्री का माहौल बना दिया है. अगले एक-दो साल में जब यह लहर गुजर जाएगी, तो स्थिति धीरे-धीरे साफ हो जाएगी. गणित स्वाभाविक रूप से धीरे-धीरे खुद को ढाल लेगा और धीरे-धीरे एक नया इकोसिस्टम बन जाएगा.'
'एआई सभी मैथ्स प्रॉब्लम सॉल्व नहीं कर सकता है'
ये दोनों पोस्ट चीन में खूब वायरल हुईं, जिसके बाद साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने प्रोफेसर से बातचीत की. डेंग यू ने उन्हें बताया कि वह बात उन्होंने मजाक में कही थी. उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि AI इतना डेवलप हो सकता है कि सभी मैथमेटिकल प्रॉब्लम्स को हल कर सके, कम से कम उन समस्याओं को तो नहीं जिनका जिक्र मैंने अपनी पोस्ट में किया था.'
इंटरनेट पर क्यों छिड़ी यह बहस?
बताते चलें कि चीनी सोशल मीडिया पर प्रोफेसर डेंग यू का यह 'मजाक' इसलिए इतना वायरल हो गया, क्योंकि आजकल पूरी दुनिया में इस बात को लेकर बहस छिड़ी हुई है कि क्या AI इंसानों की जगह ले लेगा? हाल ही में ओपनएआई और गूगल जैसी बड़ी कंपनियों ने दावा किया है कि उनके नए AI मॉडल्स अब इंसानी दिमाग की तरह सोचने लगे हैं और गणित के उन मुश्किल सवालों को भी हल कर रहे हैं, जिन्हें सुलझाने में एक्सपर्ट्स के पसीने छूट जाते हैं. इसी वजह से टेक वर्ल्ड और साइंटिस्टों के बीच एक अजीब सी बेचैनी देखने को मिल रही है.
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