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रिटायरमेंट के लिए 1 या 5 करोड़... कितना पैसा काफी? 45 की उम्र में जॉब छोड़ यहां बिता रहे सुकून भरी लाइफ, बताया कैसे चल रहा है घर

HR प्रोफेशनल अमित चिल्का ने केवल 45 साल की उम्र में ही रिटायरमेंट ले लिया. वह पुणे छोड़कर देहरादून शिफ्ट हो गए हैं. यहां वह एक सुकून भरी लाइफ का आनंद ले रहे हैं. यहां वह एक फ्रीलांसर के तौर पर काम कर रहे हैं.

रिटायरमेंट के लिए 1 या 5 करोड़... कितना पैसा काफी? 45 की उम्र में जॉब छोड़ यहां बिता रहे सुकून भरी लाइफ, बताया कैसे चल रहा है घर
रिटायरमेंट के लिए कितना पैसा काफी?
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Retirement Planning: आम तौर पर रिटायरमेंट का मतलब 60 साल की उम्र और बड़ी बचत से जुड़ा होता है, लेकिन कुछ लोग इस सोच को बदल रहे हैं. ऐसे ही एक उदाहरण हैं HR प्रोफेशनल अमित चिल्का, जिन्होंने केवल 45 साल की उम्र में ही रिटायरमेंट लेकर सबको चौंका दिया. उन्होंने अपनी कहानी शेयर करते हुए बताया कि सही प्लानिंग और समझदारी से आजादी जल्दी भी हासिल की जा सकती है. इस संबंध में अमित ने Linkedin पर पोस्ट करने अपनी सारी कहानी शेयर की.

अमित ने बताया कि मात्र 45 की उम्र में अपनी नौकरी से रिटायरमेंट ले लिया है और वह पुणे छोड़कर देहरादून शिफ्ट हो गए हैं. यहां वह एक फ्रीलांसर के तौर पर काम कर रहे हैं. इन्होंने अपनी जॉब से 1 करोड़ कमाए हैं. इसके अलावा पुणे में एक प्रॉपर्टी है, जिससे 56,000 प्रति महीने किराया मिलता है. Amit ने Linkedin पर पोस्ट करके बताया, पुणे में इनका महीने का खर्च 1,75,000 रुपये आता हैं, लेकिन देहरादून में सिर्फ 30,000 में घर चल जाता है.

अमित का कहना है कि रिटायरमेंट के लिए 60 साल का होना और अकाउंट में 10 करोड़ रुपये होने की जरूरत नहीं है, बल्कि इस सब से परे मानसिक सुकून बहुत जरूरी है. शुद्ध हवा के लिए कम पैसे ही बहुत है, क्योंकि असली सुकून Luxury Life में नहीं हैं, बल्कि सुबह की सैर, पहाड़ों की ठंडी हवा, छत पर चाय, किताबें, पत्नी के साथ समय और मन का सुकून बहुत आवश्यक है. अमित ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि रिटायरमेंट का असली सवाल यह नहीं है कि “कितना पैसा चाहिए?” असली सवाल है “कैसी जिंदगी चाहिए ?”

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दरअसल, अमित ने सबसे पहले 1 करोड़ रुपये को Mutual Funds, PPF, NPS में निवेश किया. जिसको उन्होंने एक बार भी हाथ नहीं लगाया, ताकि वह और भी ज्यादा तेजी से आगे बढ़ते रहे, तो दूसरी तरफ पुणे के फैल्ट से मिलने वाला किराए को भी वह निवेश कर देते हैं. हालांकि, रिटायरमेंट के बाद धीरे-धीरे शुरू की गई फ्रीलांसिंग और कंसल्टिंग के बाद से उनके डेली के खर्च निकलने शुरू हो गए और वह अब शांति से सुकून भरी जिंदगी बिता रहे हैं.

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