
पुलिस विभाग ने कुत्ते को नौकरी पर रखने से कर दिया था मना. तस्वीर: प्रतीकात्मक
मेलबर्न:
हर कुत्ते का कभी न कभी दिन आता है, यह बात तो आपने जरूर सुनी होगी. जर्मन शेफर्ड नस्ल के एक साल के कुत्ते को ऑस्ट्रेलिया की पुलिस अकादमी ने नौकरी देने से मना कर दिया लेकिन उसके व्यवहार ने उसे क्वींसलैंड के गवर्नर के आवास में नए वाइस-रीगल की नौकरी दिला दी.
गावेल नामक कुत्ता पुलिस अकादमी में काम के लिए सक्षम नहीं हो पाया क्योंकि उसे खड़े रहकर ध्यान लगाकर काम करने की अपेक्षा लेटना बहुत पसंद था.
वह अपने दोस्ताना और सामाजिक रवैये की वजह से क्वींसलैंड पुलिस सर्विस के अंतिम चरण में असफल रहा. लोगों को गिरफ्तार करने में मदद करने की अपेक्षा गावेल को अजनबी लोगों से मिलना-जुलना और उनके साथ खेलना ज्यादा पसंद था. हालांकि इस कुत्ते को क्वींसलैंड के गर्वनर के आवास पर वाइस-रीगल का आधिकारिक पद देकर नौकरी दी गई है.
यहां उसकी ड्यूटी लोगों का अभिवादन करना और गवर्नर पॉल डे जर्सी के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल होना है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गावेल नामक कुत्ता पुलिस अकादमी में काम के लिए सक्षम नहीं हो पाया क्योंकि उसे खड़े रहकर ध्यान लगाकर काम करने की अपेक्षा लेटना बहुत पसंद था.
वह अपने दोस्ताना और सामाजिक रवैये की वजह से क्वींसलैंड पुलिस सर्विस के अंतिम चरण में असफल रहा. लोगों को गिरफ्तार करने में मदद करने की अपेक्षा गावेल को अजनबी लोगों से मिलना-जुलना और उनके साथ खेलना ज्यादा पसंद था. हालांकि इस कुत्ते को क्वींसलैंड के गर्वनर के आवास पर वाइस-रीगल का आधिकारिक पद देकर नौकरी दी गई है.
यहां उसकी ड्यूटी लोगों का अभिवादन करना और गवर्नर पॉल डे जर्सी के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल होना है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)