VIRAL VIDEO: सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जो दिल को छू लेने के साथ-साथ हमारी साझी विरासत की खूबसूरत तस्वीर भी पेश करता है. एक स्कूल क्लास में बच्चों की जिद पर उनकी मुस्लिम शिक्षिका ने छठ का पारंपरिक गीत गाया, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है. लोग न सिर्फ उनकी सुरीली आवाज के कायल हो रहे हैं, बल्कि इस कदम से मिले भाईचारे के संदेश की भी तारीफ कर रहे हैं.
"प्यार और सम्मान का कोई दायरा या धर्म नहीं"
शिक्षिका ने इस वीडियो को साझा करते हुए एक बेहद प्यारी बात कही. उन्होंने लिखा, "मैं मुस्लिम हूं, लेकिन प्यार और सम्मान का कोई दायरा या धर्म नहीं होता. जब क्लास में बच्चों ने मुझसे मासूमियत से पूछा कि 'मैम, क्या आपको छठ का गीत नहीं आता?' तो मैं खुद को रोक नहीं पाई. मैंने बच्चों के सुर में सुर मिलाकर छठी मैया का गीत गा दिया. आप सभी को छठ पूजा की ढेरों शुभकामनाएं!"
वीडियो में शिक्षिका छठ का सबसे लोकप्रिय और पारंपरिक लोकगीत "जोड़े-जोड़े फलवा सुरुज देव घटवा पे देहीं चढ़ाई..." गाती नजर आ रही हैं. आपको बता दें कि इस सदाबहार गीत को मूल रूप से "बिहार कोकिला" के नाम से मशहूर पद्मभूषण शारदा सिन्हा ने गाया है.
अपने बच्चों के कहने पर एक मुस्लिम शिक्षक ने छठ गीत सुनाया ❤️ क्या आवाज है 🫠 https://t.co/QcVsxkveGd
— RAJSHEKHAR VERMA (@shekhar_br02) November 6, 2026
मजहब नहीं सिखाता नफरत
इस वीडियो को देखकर लोग कमेंट बॉक्स में खुलकर प्यार बरसा रहे हैं. एक यूजर बबलू पटेल ने लिखा कि मजहब कभी भी आपस में नफरत करना नहीं सिखाता. हम सभी एक ही हवा, पानी और अन्न पर जीते हैं, इसलिए हमें हर धर्म का सम्मान करना चाहिए. वहीं कुसुमाकर पांडेय नाम के यूजर ने इसे बिहार और हमारे देश की असली खूबसूरती बताया. इस पर चुटकी लेते हुए एक अन्य यूजर बनी ने लिखा, "ये बिहार है बाबू, इसे समझना सबके बस की बात नहीं."
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