भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी प्रहलाद नारायण मीणा को वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो का नया बॉस नियुक्त किया गया है. अब वे देश में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा खुफिया जानकारी जुटाने वाली टीमों का नेतृत्व करेंगे.
WCCB में 5 साल की नियुक्ति
उत्तराखंड कैडर के 2012 बैच के IPS अधिकारी प्रहलाद नारायण मीणा को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की नॉन-सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम के तहत WCCB में डिप्टी डायरेक्टर (इंटेलिजेंस एंड कोऑर्डिनेशन) के पद पर 5 साल के लिए प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त किया गया है.
गृह मंत्रालय ने उत्तराखंड सरकार को पत्र भेजकर IPS प्रहलाद नारायण मीणा को उनके नए पदभार के लिए तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने का निर्देश दिया है. उनकी नई पोस्टिंग नई दिल्ली स्थित WCCB मुख्यालय में होगी.
उत्त्राखंड में चर्चित आईपीएस रहे
प्रहलाद नारायण मीणा उत्तराखंड कैडर के बेहद चर्चित आईपीएस अधिकारियों में गिने जाते हैं. वे कभी भारतीय वायुसेना के साथ 5,000 फीट की ऊंचाई से 5 बार पैरा जंपिंग कर सुर्खियों में आए, तो कभी नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पद पर रहते हुए अपने बेहतरीन पुलिसिंग मॉडल के कारण चर्चा में रहे.

ips prahlad narayan meena appointed deputy director wccb
बनभूलपुरा हिंसा में खुद संभाली थी कमान
IPS प्रहलाद नारायण मीणा ने 14 सितंबर 2023 को नैनीताल के SSP के रूप में कमान संभाली थी. इसके बाद उन्होंने जिले में कई जटिल मामलों का खुलासा किया. हालांकि, वे सबसे ज्यादा चर्चा में तब आए, जब उन्होंने चर्चित हल्द्वानी बनभूलपुरा हिंसा मामले में फ्रंट पर आकर कमान संभाली.
8 फरवरी 2024 को बनभूलपुरा के 'मलिक का बगीचा' क्षेत्र में बने अवैध मदरसे और नमाज स्थल के ध्वस्तीकरण के दौरान उपद्रवियों ने प्रशासनिक टीम पर हमला कर दिया था. भारी पथराव, आगजनी और थाने को फूंक देने जैसी हिंसक स्थिति में 6 लोगों की जान चली गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे.
उस भयानक माहौल में SSP मीणा ने अपनी सूझबूझ से अपने एक-एक जवान और प्रशासनिक कर्मी को हिंसा क्षेत्र से सकुशल बाहर निकाला था. इसके बाद हिंसा के सभी मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में भी उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी. नैनीताल में SSP रहते हुए उनके द्वारा मनचलों और अराजक तत्वों के खिलाफ चलाया गया 'ऑपरेशन रोमियो' भी काफी लोकप्रिय रहा था.
रिश्वतखोरों को पहुंचाया जेल
इससे पहले, वे हल्द्वानी में एसपी के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. विजिलेंस एसपी के रूप में उन्होंने रिश्वतखोरों को रंगे हाथ गिरफ्तार करने का एक नया रिकॉर्ड बनाया था. जनवरी 2022 में एसपी विजिलेंस की कमान संभालने के बाद उन्होंने महज 20 महीनों के भीतर 11 भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया, जिनमें एक पीसीएस स्तर का अधिकारी भी शामिल था.
यह भी पढ़ें- IAS अपूर्वा पाण्डे उत्तराखंड की सबसे युवा कलेक्टर, अल्मोड़ा की 'मन्नू' से यंगेस्ट DM बागेश्वर तक की कहानी
यह भी पढ़ें- बॉर्डर पर जन्म से बिजनौर एसपी तक: संभल में माफिया को मिट्टी में मिलाया, IPS केके बिश्नोई की पूरी कहानी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं