Babeijoda Village Odisha: ओडिशा के बाबेइजोडा गांव ने साफ-सफाई के मामले में मिसाल कायम की है. इस गांव के साफ-सफाई की काफी तारीफ हो रही है. गांव 15 साल से कचरा मुक्त और प्लास्टिक मुक्त बना हुआ है. अब तो उद्योगपति हर्ष गोयनका (Harsh Goenka) ने भी इस गांव की तारीफ कर दी. साथ ही उन्होंने देश के अन्य गांव और शहरों में इसी तरह के मिशन अपनाने की अपील की है. बाबेइजोडा गांव की तारीफ में की गई हर्ष गोयनका की पोस्ट पर काफी लोगों ने प्रतिक्रियाएं दी हैं.
मयूरभंज जिले में है ये गांव
दरअसल, हर्ष गोयनका (Harsh Goenka) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बाबेइजोडा गांव (Babeijoda Village) का वीडियो शेयर किया है. यह ओडिशा के मयूरभंज जिले के बिसोई ब्लॉक में स्थित छोटा सा आदिवासी गांव हैं. बाबेइजोडा गांव की साफ-सफाई की तारीफ करते हुए हर्ष गोयनका ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे ही मिशन दूसरे गांवों और शहरों में नहीं अपनाए जा सकते हैं.
एकदम साफ दिख रहीं गांव की सड़कें
वीडियो में बाबेइजोडा (Babeijoda Village) की सड़कें एकदम साफ दिख रही हैं. साथ ही लोगों के घर भी चमकीले रंगों से रंगे हुए हैं. हर्ष गोयनका के द्वारा शेयर किए गए वीडियो में कही पर भी रास्ते में कचरा नहीं नजर आ रहा है. जब हर्ष गोयनका ने इस गांव की तरह अन्य गांव और शहरों में मिशन चलाने को लेकर सवाल किया तो लोगों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं. कुछ लोग तो हर्ष गोयनका के सुझाव से सहमत दिखे तो कुछ ने इस तरह के मिशन चलाने के लिए आने वाली चुनौतियों की ओर इशारा किया.
Babeijoda in Odisha has stayed clean, litter-free and plastic-free for last 15 years thanks to a strong community spirit. Why not we take this as a mission in every village and every city? https://t.co/tvZ4bDcp5L
— Harsh Goenka (@hvgoenka) October 3, 2026
लोगों की आई अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
एक यूजर ने तो सवाल उठाते हुए लिखा, "पेड़ कहां है? क्या कूड़ा-रहित जीवन जीने का यही तरीका है. वीडियो में तो मुझे काफी गर्मी महसूस हो रही है. मुझे लगता है कि यह गांव का आदर्श मॉडल नहीं है. अगर किसी को सच में ऐसा करना है तो मिजोरम आ जाइए. वहां के गांव सचमुच साफ-सुथरे हैं. क्यों? क्योंकि लोग जिम्मेदारी लेते हैं.
वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा कि मुझे लगता है कि बड़े शहरों में व्यापक सोच की कमी है. हम संकीर्ण मानसिकता वाले हो जाते हैं, इसलिए इधर-उधर कूड़ा फेंकते हैं और अपने समुदाय की परवाह नहीं करते. मेरा मानना है कि हम सभी को इस गांव से सीख लेनी चाहिए और बेहतरी के लिए प्रयास करना चाहिए.
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