बेंगलुरु को देश के सबसे महंगे शहरों में गिना जाता है, जहां तेजी से बढ़ती लाइफस्टाइल और रोजमर्रा के खर्च लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं. बेंगलुरु में काम करने या रहने वालों के अक्सर वीडियो सामने आते रहते हैं कि लाख रुपये सैलरी होने के बाद भी पैसे नहीं बच पा रहे हैं. इस बीच एक्स की एक पोस्ट पर खूब चर्चा हो रही है, जिसमें बेंगलुरु में टेक प्रोफेशनल ने बताया कि वह महीने की लाख रुपये सैलरी के बाद भी वीकेंड पर रैपिडो चला रहा है. उनकी इस पोस्ट के बाद से ही यूजर इस पर कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
दरअसल, X (पहले ट्विटर) पर शबाज नाम के एक यूजर ने बताया कि उन्होंने बेंगलुरु में बन्नेरघट्टा जाते समय Rapido बुक किया था. इस दौरान उनकी मुलाकात 35 साल के एक राइडर से हुई. बातचीत के दौरान पहले वह कन्नड़ में बोल रहा था, लेकिन जब उसे लगा कि सामने वाला व्यक्ति कन्नड़ अच्छी तरह नहीं समझ पा रहा है, तो उसने अंग्रेजी में बात करना शुरू कर दिया. शबाज ने बताया कि जब राइडर ने उनसे उनके काम के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. इस पर राइडर ने बताया कि वह खुद भी एक मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर है और अच्छी सैलरी कमाता है.
Today, while traveling to Bannerghatta, I booked a Rapido.
— Shabaz (@Shabaz1406) June 6, 2026
The rider, a 35-year old, started speaking in Kannada, realized mine wasn't great, and switched to English. He asked what I do, and I told him I'm a software engineer.
Then he told me he's also a software developer at… pic.twitter.com/wCfgB6Vb8D
इसके बावजूद वह हर वीकेंड Rapido चलाता है, क्योंकि वह शादीशुदा है, उसका एक छोटा बच्चा भी है और वह परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कमाई करना चाहता है. पोस्ट करने वाले यूज़र ने लिखा कि इस घटना ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक अच्छी टेक नौकरी करने वाला और लाखों की सैलरी पाने वाला व्यक्ति भी वीकेंड पर एक्स्ट्रा काम कर रहा है, तो आखिर बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में जिंदगी कितनी महंगी हो गई है?
सोशल मीडिया पर लोगों ने दी ऐसी प्रतिक्रिया
यह पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गई. कुछ लोगों ने कहा कि टेक जॉब के बाहर निकलकर ऐसा काम करना अच्छा है, इससे अलग अनुभव मिलता है. वहीं कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या इसके लिए अपना आराम और परिवार का समय छोड़ना सही है? एक यूज़र ने बताया कि उन्होंने एक IT इंजीनियर को देखा जो ऑटो-रिक्शा भी चलाता है. उसने कहा कि वह यह काम पैसों से ज्यादा खुशी और लोगों से मिलने के लिए करता है. दूसरे यूज़र ने कहा कि हैदराबाद में भी कई सॉफ्टवेयर इंजीनियर ड्राइविंग ऐप्स पर काम करते हैं. कुछ छात्र भी विदेश जाने की तैयारी के साथ पार्ट-टाइम ड्राइविंग कर रहे हैं.
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