Zara Hatke News: जापान के नारा शहर में रहने वाले ओटो कातायामा ने अपनी पत्नी युमी से पूरे 20 साल तक सिर्फ इसलिए बातचीत नहीं की क्योंकि उन्हें अपने ही नवजात बच्चों से जलन (Jealousy) होने लगी थी. साल 1997 से शुरू हुआ यह अजीबोगरीब सिलसिला तब खुला जब उनके 18 वर्षीय सबसे छोटे बेटे योशिकी ने 2017 में एक टेलीविजन रियलिटी शो 'टीवी होक्काइडो' को पत्र लिखकर मदद मांगी. बेटे को डर था कि उसके पिता ओटो अब नौकरी से रिटायर होने वाले हैं और अगर यह चुप्पी नहीं टूटी, तो चौबीसों घंटे घर में रहने से पूरा परिवार मानसिक रूप से तबाह हो जाएगा.
'खामोशी के बीच हुआ तीसरे बच्चे का जन्म'
इस दो दशक लंबे गतिरोध के दौरान दोनों एक ही छत के नीचे रहे, तीन बच्चों की परवरिश की और रोज साथ खाना भी खाया. यहां तक कि इस खामोशी के बीच ही उनके तीसरे बच्चे का जन्म भी हुआ था. लेकिन बातचीत के नाम पर ओटो अपनी पत्नी के सवालों का जवाब कभी वाक्यों में नहीं देते थे. वे केवल अपना सिर हिलाते या सिर्फ 'कूं-कूं' (Grunts) जैसी अधूरी आवाजें निकालकर रह जाते थे. इसके विपरीत, वे अपने बच्चों से बिल्कुल सामान्य और हंसकर बात करते थे, जिससे घर का माहौल और भी अजीब हो जाता था.
Otou Katayama, kıskançlıktan kavga ettiği karısıyla 20 yıl tek kelime konuşmamış; oğlu bi TV şovundan yardım istemiş veee...
— Kadir Kaymakcı (@Kadirkaymakci) December 31, 2016
hoşgeldin 2017 pic.twitter.com/FJA2T7VrDu
पहली रोमांटिक डेट वाली बेंच पर बैठकर मांगी माफी
स्ट्रेट्स टाइम्स के अनुसार, रिश्ते की यह बर्फ साल 2017 में तब पिघला जब टीवी शो के मेकर्स दोनों को नारा पार्क (Nara Park) की उसी पुरानी बेंच पर ले गए जहां दशकों पहले वे अपनी पहली रोमांटिक डेट पर मिले थे. छिपे हुए कैमरों और रोते हुए बच्चों के सामने ओटो ने 20 साल बाद अपना पहला वाक्य बोला- 'कुछ ऐसा समय हो गया है जब हमने आपस में बात की थी.' उन्होंने स्वीकार किया कि पत्नी का पूरा ध्यान बच्चों पर चले जाने से वे खुद को उपेक्षित (Neglected) महसूस कर रहे थे और इसी बचकाने अहंकार में उन्होंने बोलना बंद कर दिया था.
साइलेंट ट्रीटमेंट पार्टनर को सजा देने जैसा...
जापान में इस वायरल मामले ने रिटायर्ड हस्बैंड सिंड्रोम (Retired Husband Syndrome) और रिश्तों में दिए जाने वाले साइलेंट ट्रीटमेंट (Silent Treatment) के मेंटल साइड इफेक्ट्स पर एक गंभीर बहस छेड़ दी है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, पार्टनर को सजा देने के लिए इस तरह सालों तक खामोश रहना एक प्रकार का गंभीर भावनात्मक शोषण (Emotional Abuse) है, जो किसी भी हंसते-खेलते परिवार को भीतर से खोखला कर सकता है.
दोस्तों से शादी करना पसंद कर रहे जापानी
इस कहानी ने जापान में रिश्तों के बदलते ट्रेंड्स की ओर भी ध्यान खींचा. उसी दौरान, 'द इंडिपेंडेंट' की रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ लोग पारंपरिक रोमांटिक रिश्तों के बजाय करीबी दोस्तों से शादी करना पसंद कर रहे थे. 2017 में जारी एक सरकारी सर्वे में यह भी पाया गया कि 69 प्रतिशत जापानी पुरुषों और 59 प्रतिशत जापानी महिलाओं का कोई पार्टनर नहीं था.
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