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बांग्लादेश में निपाह वायरस से महिला की मौत, WHO ने की पुष्टि, दो हफ्ते पहले ही भारत में भी मिले थे दो केस

WHO ने बांग्लादेश में निपाह वायरस से एक महिला की मौत की पुष्टि की, जिसके बाद एशिया के कई देशों में एयरपोर्ट स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है. दो हफ्ते पहले भारत में भी दो मामले मिले थे. महिला ने कच्चा खजूर का जूस पीया था. वायरस 75% मामलों में जानलेवा है, पर आसानी से नहीं फैलता.

बांग्लादेश में निपाह वायरस से महिला की मौत, WHO ने की पुष्टि, दो हफ्ते पहले ही भारत में भी मिले थे दो केस
  • WHO ने बांग्लादेश में निपाह वायरस से एक महिला की मौत की पुष्टि की, जो कच्चे खजूर के रस से संक्रमित हुई थी.
  • निपाह वायरस के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, अधिक लार आना, दौरे पड़ना शामिल हैं, जो जानलेवा हो सकते हैं.
  • भारत में हाल ही में दो स्वास्थ्य कर्मियों में निपाह वायरस के मामले सामने आए थे, जिनका पश्चिम बंगाल से संबंध था

WHO ने बांग्लादेश में निपाह वायरस से एक महिला की मौत की पुष्टि की है. इस मामले के सामने आने के बाद एशिया भर में एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है. 2 हफ्ते पहले ही भारत में दो ऐसे ही मामलों की पुष्टि हुई थी. दोनों ही पश्चिम बंगाल के 24 परगना के रहने वाले स्वास्थ्य कर्मी थे.

डब्ल्यूएचओ ने बताया कि बांग्लादेश में 40 से 50 साल की मरीज में 21 जनवरी को निपाह वायरस के लक्षण दिखे, जिसमें बुखार और सिरदर्द के बाद मुंह से ज्यादा लार आना, भ्रम और दौरे पड़ना शामिल थे.

महिला ने पिया था कच्चे खजूर का जूस

एक हफ्ते बाद उसकी मौत हो गई और एक दिन बाद वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई. महिला की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी, लेकिन जांच में पता चला कि उसने कच्चे खजूर का रस पिया था.

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WHO ने कहा कि मरीज के संपर्क में आए सभी 35 लोगों पर नजर रखी जा रही है और उनका वायरस टेस्ट नेगेटिव आया है, और अब तक कोई और मामला सामने नहीं आया है.

75% मामलों में जानलेवा है यह वायरस

बता दें कि निपाह संक्रमित चमगादड़ों से दूषित चीजों, जैसे फलों से फैलता है. यह 75 प्रतिशत मामलों में जानलेवा हो सकता है, लेकिन यह लोगों के बीच आसानी से नहीं फैलता है.

एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग तेज

भारत में वायरस का मामला सामने आने के बाद ही मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया सहित तमाम देशों ने एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग लागू कर दी थी.

WHO ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बीमारी फैलने का जोखिम कम माना जाता है और वह मौजूदा जानकारी के आधार पर किसी भी यात्रा या व्यापार प्रतिबंध की सिफारिश नहीं करता है. 2025 में, बांग्लादेश में लैब में पुष्टि किए गए चार जानलेवा मामले सामने आए थे.

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चमगादड़ों वाली जगह पर जाने से बचने की सलाह

वर्तमान में इस संक्रमण के लिए कोई दवा या वैक्सीन नहीं है. WHO के अनुसार हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोने, फ्लाइंग फॉक्स बैट या बीमार सूअरों से दूरी बनाए रखने, चमगादड़ों वाली जगह पर जाने से बचने और चमगादड़ों के जूठे फल या अन्य चीजों को छूने व खाने से परहेज कर इस संक्रमण से बचा जा सकता है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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आईएएनएस
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