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ट्रंप की टीम में फूट डाल रहा ईरान? कहा- 'वेंस' से करेंगे बात, कुशनर और विटकॉफ पर भरोसा नहीं

एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने बैक चैनल के जरिए अमेरिका को संदेश भेजा है कि वह उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बातचीत करना चाहता है. ईरान का कहना है कि उसे स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर पर भरोसा नहीं है.

ट्रंप की टीम में फूट डाल रहा ईरान? कहा- 'वेंस' से करेंगे बात, कुशनर और विटकॉफ पर भरोसा नहीं
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  • ईरान ने अमेरिकी प्रशासन को बैक चैनल के जरिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बातचीत का संदेश दिया है
  • ईरान का मानना है कि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ बातचीत में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलेंगे
  • ईरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को युद्ध समाप्ति के लिए ज्यादा गंभीर और भरोसेमंद मानता है
नई दिल्ली:

मिडिल ईस्ट में संकट के बीच ईरान की एक चाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को परेशान कर सकती है. एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने बैक चैनल के जरिए अमेरिका को संदेश भेजा है कि वह उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बातचीत करना चाहता है. ईरान का कहना है कि उसे स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर पर भरोसा नहीं है. तो क्या ईरान अपने इस कूटनीतिक दांव से ट्रंप की टीम में फूट डालने की कोशिश में है? आइए पूरी बात समझते हैं. 

ईरान तो जेडी वेंस पर क्यों ज्यादा भरोसा?

CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी प्रतिनिधियों ने बुधवार को ट्रंप प्रशासन से कहा है कि वे अमेरिकी राजदूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के साथ फिर से बातचीत नहीं करना चाहते. इसके बजाय ईरान ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) के साथ बातचीत करने पर ज्यादा जोर दिया है.

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रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान का मानना है कि विटकॉफ और कुशनर के साथ बातचीत का कोई फायदा नहीं होगा. इसकी वजह यह है कि इजरायल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से पहले हुई बातचीत के विफल होने के बाद अब भरोसे की भारी कमी दिखी है. सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया है कि विटकॉफ, कुशनर और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की तुलना में जेडी वेंस युद्ध खत्म करने के लिए ज्यादा गंभीर दिखाई देते हैं. ईरान को लगता है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति इस गतिरोध को जल्द से जल्द सुलझाने का इरादा रखते हैं.

ईरान ने साफ किया है कि इजरायल और अमेरिका द्वारा सैन्य कार्रवाई शुरू करने से पहले जो बातचीत टूटी थी, उसके बाद से कुशनर और विटकॉफ के प्रति अविश्वास बढ़ा है. ईरान का यह रुख दिखाता है कि वह ट्रंप प्रशासन के भीतर उन चेहरों को चुनना चाहता है जो शायद कट्टर इजरायल समर्थक छवि से थोड़े अलग दिखते हों या जिनसे बेहतर डील की उम्मीद हो.

ट्रंप ने किया था युद्ध जीतने का दावा 

मंगलवार को डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया था कि उनकी कूटनीतिक टीम के सभी मुख्य सदस्य इन वार्ताओं में शामिल हैं. ईरान के साथ हो रही बातचीत पर उन्होंने कहा, "जेडी वेंस, मार्को रुबियो, जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी शामिल हैं और मैं खुद भी इसमें शामिल हूं." इसके साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका युद्ध जीत चुका है.उन्होंने आगे कहा था कि ईरान की नौसेना और वायु सेना पूरी तरह से तबाह हो चुकी है.ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनकी पूरी कोर टीम बातचीत प्रक्रिया का हिस्सा है. ट्रंप का मानना है कि सैन्य स्तर पर ईरान की ताकत खत्म हो चुकी है.

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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने CNN को बताया कि अमेरिका की ओर से कौन बातचीत करेगा, यह पूरी तरह से ट्रंप का फैसला है. लेविट ने कहा कि केवल राष्ट्रपति ट्रंप ही यह तय करते हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से कौन बातचीत करेगा. इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के एक आधिकारिक बयान को साझा किया, जिससे वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी तनाव में इस्लामाबाद की मध्यस्थता (mediating role) को लेकर राजनयिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. 

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