विज्ञापन

अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म, लेकिन 5 खतरे बाकी, सबसे ज्यादा डर इजरायल से

ट्रंप ने तो 60 दिनों के सीजफायर वाली डील फाइनल कर ली है लेकिन क्या वह इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू को कंट्रोल कर पाएंगे, क्या भरोसा है कि खुद अमेरिका फिर ईरान पर हमला नहीं करेगा.

अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म, लेकिन 5 खतरे बाकी, सबसे ज्यादा डर इजरायल से
US Iran Deal: क्या डोनाल्ड ट्रंप इजरालयी पीएम को हमला करने से रोक पाएंगे (फोटो- AFP)
  • अमेरिका- ईरान की जंग खत्म हो गई, दोनों ने शांति समझौता भी तैयार कर लिया है और 19 जून को उस पर मुहर लगेगी
  • लेकिन इसके बावजूद मिडिल ईस्ट में शांति की गारंटी नहीं मिली है, कम से कम 5 चुनौतियां मौजूद
  • ट्रंप के लिए चुनौती कि वह इजरायल को कंट्रोल में रखें क्योंकि उसने यह साफ किया है कि वह डील का हिस्सा नहीं है

अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिन की जंग खत्म हो गई, शांति समझौता भी तैयार है और 19 जून को उस पर मुहर लगने वाली है. लेकिन क्या इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में शांति की गारंटी मिल गई? शायद नहीं. असली परीक्षा तो अब शुरू होगी. एक छोटी सी चूक इस डील में तय 60 दिन के सीजफायर को तोड़ सकती है. इजरायल के रुख से लेकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली अहम बातचीत और ट्रंप की अनिश्चित नीति... ऐसे कई सवाल हैं जो इस ऐतिहासिक डील के भविष्य का फैसला करेंगे. चलिए आपको 5 ऐसी ही चुनौतियों के बारे में बताते हैं.

चुनौती नंबर 1

पहली और सबसे बड़ी चुनौती होगी कि इस डील के तहत लागू 60 दिनों के सीजफायर को जमीन पर बचा पाना. एक हमला और सारी मेहनत बेकार हो जाएगी. इस डील की जो बात अबतक सामने आई है, उसके अनुसार यह सीजफायर हर मोर्चे पर लागू होगा- लेबनान में भी. ट्रंप के लिए यह चुनौती कि वह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कंट्रोल में रखें क्योंकि इजरायल ने यह साफ किया है कि वह डील का हिस्सा नहीं बनेगा. लेबनान में इजरायल के हमलों को लेकर रविवार को भी ट्रंप और नेतन्याहू के बीच के मतभेद सामने आए थे. अगर सीजफायर के बीच इजरायल ने लेबनान पर फिर हमला किया तो ईरान इसे सीजफायर का उल्लंघन मानेगा.

चुनौती नंबर 2

दूसरी चुनौती होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से जल्द से जल्द खोलने की होगी. दुनिया में कुल तेल व्यापार का 20 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज के रास्ते होता है लेकिन इस जंग ने उसपर संकट खड़ा कर दिया. महंगे तेल का असर अमेरिका से भारत तक देखने को मिल रहा है. 19 जून को डील पर साइन होने के बाद होर्मुज फिर खुलने की खबर ने बाजार को उम्मीद दी है. लेकिन होर्मुज खोलना इतना आसान नहीं. होर्मुज के रास्ते समुद्री ट्रैफिक को युद्ध से पहले के स्तर पर लौटने में महीनों लग सकते हैं. यह बात टफ़्ट्स यूनिवर्सिटी के फ्लेचर स्कूल में समुद्री अध्ययन के प्रोफेसर रॉकफ़ोर्ड वेट्ज ने अल जजीरा को बताई. समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने, यहां क्षतिग्रस्त ढांचे की मरम्मत करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने में समय लग सकता है.

चुनौती नंबर 3

तीसरी चुनौती होगी कि क्या 60 दिन में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर सहमति बन पाएगी? यह मुद्दा दोनों देशों के लिए सबसे संवेदनशील है. पिछले दो साल में परमाणु वार्ता के बीच ही अमेरिका ने दो बार ईरान पर हमला किया है. क्या भरोसा है कि इस बार भी ट्रंप और उनकी सेना ऐसा नहीं करेगी.

चुनौती नंबर 4

एक चुनौती दोनों साइड के लिए नैरेटिव वॉर जीतने की भी होगी. इस चक्कर में दोनों देश जुबानी जंग के मोड में जा सकते हैं और सीमा भी लांघ सकते हैं. ट्रंप अपने बयानों और अनिश्चित विदेश नीति अपनाने के लिए जाने जाते हैं. डील को ट्रंप की अनिश्चितता से बचा पाना भी अपने आप में एक चुनौती है.

चुनौती नंबर 5

अगर ईरान के लिए बात करें तो उसके लिए अमेरिकी-इजरायली हमले से तबाह हुए अपने शहरों को फिर से खड़ा करना एक चुनौती होगी. अबतक डील ड्राफ्ट की जो बात सामने आई है, उसके अनुसार अमेरिका विदेशों में जब्त ईरान की जब्त संपत्तियों (फ्रोजेन एसेट) को वापस देगा. लेकिन यह कैसे होगा, इसपर साफ मतभेद दिख रहा है. ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने 14-सूत्रीय MoU का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिका परमाणु बातचीत शुरू होने से पहले ही जब्त की गई संपत्ति को जारी करने पर सहमत हो गया है. जबकि अमेरिकी अधिकारी ने Axios को बताया कि जबतक ईरान अपने वादे पूरे नहीं करता, तब तक कोई भी जब्त संपत्ति जारी नहीं की जाएगी.

यह भी पढ़ें: युद्ध जीतने का ट्रंप का दावा खोखला- ईरान से डील में छिपे 7 सबूत

लेखक के बारे में
img
Ashutosh Kumar Singh
Chief Sub Editor
आशुतोष कुमार सिंह NDTV इंडिया के साथ बतौर चीफ सब-एडिटर काम करते हैं. इससे पहले द क्विंट के साथ असिस्टेंट एडिटर के रूप में काम कर चुके हैं. देहाती यादो... और पढ़ें
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
US Iran War, US Iran Deal, Donald Trump
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com