- जीकैप के तहत ब्रिटेन, इटली, जापान मिलकर छठी पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट के बारे में यहां जानकारी दी जा सकती है
- बोइंग अपने स्वचालित MQ-28 घोस्ट बैट ड्रोन को पेश करेगा, जो युद्ध में ड्रोन की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है
- एयरशो में यूरोप अपनी सैन्य ताकत चीन और अमेरिका के सामने प्रदर्शित करने का प्रयास करेगा
अगले सप्ताह ब्रिटेन के फार्नबोरो एयरशो में एविएशन इंडस्ट्री की बड़ी कंपनियां इकट्ठा होंगी. यूक्रेन और मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्धों की वजह से सुरक्षा की प्राथमिकताएं और खर्च करने के तरीके बदल रहे हैं, इसलिए इस बार डिफेंस पर खास फोकस रहेगा. इस एयरशो से यूरोप अपनी ताकत चीन और अमेरिका दोनों को दिखाना चाहेगा.
सालों में सबसे बड़ा एयरशो
हर दो साल में होने वाला फार्नबोरो एयरशो इस इंडस्ट्री के सबसे बड़े आयोजनों में से एक है. यहां कंपनियां अपने नए डिफेंस हार्डवेयर और एयरक्राफ्ट का प्रदर्शन करती हैं. लंदन के दक्षिण-पश्चिम में स्थित इस एयरपोर्ट पर चार दिनों के दौरान 1,00,000 से ज्यादा विजिटर्स और 1,600 एग्जिबिटर्स के आने की उम्मीद है. यह एयरपोर्ट आम तौर पर प्राइवेट जेट्स के इस्तेमाल के लिए जाना जाता है.
फार्नबोरो के चीफ एग्जीक्यूटिव गैरेथ रोजर्स ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह फार्नबोरो पिछले कई सालों में सबसे बड़ा है,क्योंकि ज्यादा विजिटर्स के लिए छठा एग्जिबिशन हॉल खोला जा रहा है. आम तौर पर फार्नबोरो में एविएशन सेक्टर की कुछ सबसे बड़ी डील्स होती हैं, लेकिन इस साल का शो बदलते जियोपॉलिटिकल माहौल को दिखाता है. रोजर्स ने कहा कि आम तौर पर एयरशो में डिफेंस का हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत होता है, लेकिन इस साल "डिफेंस और कमर्शियल के बीच 50-50 का बैलेंस" है.
रक्षा क्षेत्र पर जोर
यूरोप में सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक अनिश्चित सहयोगी माने जाने की वजह से सैन्य खर्च में बढ़ोतरी हुई है. RUSI के सीनियर रिसर्च फेलो जस्टिन ब्रॉन्क ने AFP को बताया, "इस साल का फार्नबोरो एयरशो यूरोप में लगातार बढ़ते रक्षा खर्च से प्रभावित है." उन्होंने कहा कि 2030 के दशक की शुरुआत और उसके बाद के समय के लिए ऐसी क्षमताएं विकसित करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है, जिससे अमेरिका पर औद्योगिक और क्षमता संबंधी निर्भरता कम हो सके." एयरशो में यूक्रेन की भी बड़ी मौजूदगी होगी. रोजर्स ने बताया कि उसके प्रतिनिधिमंडल और प्रदर्शकों के लिए अतिरिक्त जगह की व्यवस्था की गई है.
ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम
रक्षा क्षेत्र के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक 'ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम' (GCAP) होगा. इसे ब्रिटेन, इटली और जापान ने छठी पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट बनाने के लिए शुरू किया है.यह प्रोजेक्ट 2035 में सेवा में शामिल होगा. इस महीने तीनों देशों के बीच इसके डिजाइन को आगे बढ़ाने के लिए 4.6 अरब पाउंड (6.2 अरब डॉलर) का कॉन्ट्रैक्ट होने के बाद, यह प्रोजेक्ट और मजबूत स्थिति में आ गया है. ब्रॉन्क ने कहा कि सभी पक्ष अब तक हुई प्रगति को दिखाने और एकता पर जोर देने के लिए उत्सुक होंगे, क्योंकि UK ने आखिरकार बड़े पैमाने पर फंडिंग देने का वादा किया है. ब्रिटेन ने जून के आखिर में अपने लंबे समय से प्रतीक्षित 10-वर्षीय रक्षा निवेश योजना का ऐलान किया था, जिसमें उसने अगले चार वर्षों में GCAP के लिए 8.6 अरब पाउंड देने का वादा किया है.
ब्रिटेन की BAE सिस्टम्स, इटली की लियोनार्डो और जापान एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रियल एन्हांसमेंट कंपनी लिमिटेड का एक जॉइंट वेंचर इस एयरक्राफ्ट को बना रहा है. फ्रांस और जर्मनी के जॉइंट 'फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम' (FCAS) फाइटर जेट प्रोजेक्ट के फेल होने के बाद इस प्रोग्राम पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
बोइंग घोस्ट बैट ड्रोन
अमेरिका की बड़ी एयरोस्पेस कंपनी बोइंग अपने MQ-28 घोस्ट बैट को खास तौर पर पेश करेगी. यह एक ऑटोनॉमस (खुद से चलने वाला) ड्रोन है, जिसे क्रू वाले लड़ाकू विमानों के साथ या निगरानी और टोह लेने के लिए अकेले काम करने के मकसद से बनाया गया है. यह विमान आधुनिक युद्ध में ड्रोन की बढ़ती भूमिका को दिखाता है, क्योंकि यूक्रेन में फ्रंटलाइन पर बिना पायलट वाले सिस्टम का दबदबा है. जर्मनी की बड़ी डिफेंस कंपनी राइनमेटल ने MQ-28 को जर्मनी के मिलिट्री फ्लीट और हथियारों के सिस्टम में शामिल करने के लिए बोइंग के साथ एक डील की है. रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स के साथ मिलकर बनाया गया MQ-28, 2029 तक जर्मनी को मिल जाने की उम्मीद है.
व्यावसायिक विमानों की प्रतिस्पर्धा
एयरशो यूरोपीय विमान निर्माता कंपनी एयरबस और अमेरिकी कंपनी बोइंग के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा का मैदान बना हुआ है. दोनों कंपनियां नए ऑर्डर की घोषणा करने और पहले से तय सौदों के ग्राहकों का खुलासा करने के लिए होड़ में लगी हैं.
बोइंग सुरक्षा संकटों, आपराधिक जांचों और नेतृत्व में फेरबदल से भरे कठिन दौर से उबरने के लिए एक भव्य प्रदर्शन की योजना बना रही है. सिरियम एसेंड कंसल्टेंसी के वरिष्ठ सलाहकार रिचर्ड इवांस ने एएफपी को बताया कि यह शो सौदों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है.हालांकि, रॉयल एरोनॉटिकल सोसाइटी की एयरोस्पेस मैगजीन के टिम रॉबिन्सन ने कहा कि बड़े सिविल मैन्युफैक्चरर्स के पास रिकॉर्ड संख्या में ऑर्डर हैं, इसलिए कमर्शियल एयरलाइनर्स की बिक्री के मामले में पिछले शानदार शो जैसा प्रदर्शन होने की संभावना कम है. ध्यान सप्लाई चेन से जुड़ी उन समस्याओं पर भी जाएगा, जो बोइंग और एयरबस के लिए इंजन और स्पेयर पार्ट्स से लेकर सीटों तक, हर चीज को प्रभावित कर रही हैं.
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