- इजरायल के PM बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ युद्ध में घसीटने के आरोपों को खारिज किया है.
- नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने फैसले खुद लेते हैं, इजरायल ने युद्ध के लिए मजबूर नहीं किया.
- नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को रोकने तथा ईरानी जनता को सशक्त बनाने को मुख्य लक्ष्य बताया
ईरान और इजरायल के बीच तेज होती जंग के बीच एक नया विवाद सामने आया है. अब सवाल उठ रहा है कि क्या इजरायल ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ युद्ध में धकेला या फिर अमेरिका पहले से ही इस टकराव के लिए तैयार था. ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन आरोपों को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा जा रहा है कि इजरायल ने अमेरिका पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का दबाव बनाया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कहा कि ट्रंप अपने फैसले खुद लेते हैं, हमने उन्हें जबरदस्ती युद्ध में नहीं धकेला है.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गुरुवार की रात को एक बार फिर सबके सामने आए. इस बार नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने कहा कि ईरान के पास यूरेनियम संवर्धन या बैलिस्टिक मिसाइलें बनाने की क्षमता नहीं है. साथ ही अमेरिका को युद्ध में घसीटने के आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया.
कोई ट्रंप को बता सकता है कि क्या करना है?: नेतन्याहू
नेतन्याहू ने कहा कि मैं एक फेक न्यूज को खत्म करना चाहता हूं और वो ये है कि इजरायल ने किसी तरह अमेरिका को ईरान के साथ लड़ाई में घसीटा. नेतन्याहू ने कहा कि क्या कोई सच में समझता है कि कोई प्रेसिडेंट ट्रंप को बता सकता है कि क्या करना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि उन्हें दक्षिण पार्स पर इजरायल के हमले की पूर्व सूचना नहीं थी, जो ईरान की घरेलू जरूरतों का करीब 70 फीसदी आपूर्ति करता है. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने नेतन्याहू को कहा कि वे ईरानी गैस क्षेत्रों पर दोबारा हमला न करें.
हालांकि नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि इजरायल ने ईरान के असलूयेह शहर के नजदीक दक्षिण पार्स इलाके में हमला अकेले ही किया.
वो ऐसा कुछ कर बैठते हैं कि... : डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल और अमेरिका के संबंधों को लेकर कहा कि हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं. यह कॉर्डिनेटेड है, लेकिन कभी-कभी वह कुछ ऐसा कर बैठते हैं जिसका अमेरिका विरोध करता है.
साउथ पार्स दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस क्षेत्र का हिस्सा है, जो 9,700 वर्ग किलोमीटर के विशाल इलाके में फैला हुआ है और ईरान और कतर के बीच है. यह ईरान के तटीय शहर असलूयेह के पास स्थित है.
ईरान जंग को लेकर नेतन्याहू ने गिनाए अपने 3 लक्ष्य
इसके साथ ही नेतन्याहू ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि हम शेरों के समान हैं. हम शेरनियों के समान भी हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान तीन लक्ष्यों पर केंद्रित है-
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कुचलना.
- ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को कुचलना.
- ऐसी परिस्थितियां बनाना जिससे ईरान की जनता अपने भाग्य की बागडोर अपने हाथों में ले सके.
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