व्हाइट हाउस के नजदीक रविवार (24 मई 2024) को नसिरे बेस्ट नाम के शख्स ने गोलीबारी की. इस बाद सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को मार गिराया. ये हमला तब हुआ जब व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड मौजूद थे. इस हमले के साथ ही एक बार फिर से ट्रंप के दावे की पोल भी खुल गई. मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) का नारा देकर डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर व्हाइट हाउस की सत्ता पर काबिज तो हो गए, लेकिन सवाल यह है कि क्या वादे के मुताबिक अमेरिका सच में 'महान' बन पाया?
सुपरपावर कहलाने वाले मुल्क की हकीकत आज यह है कि जो राष्ट्रपति पूरी दुनिया को सुरक्षा की गारंटी देता है, वो खुद अपने ही घर में महफूज नहीं हैं. ट्रंप के सत्ता संभालते ही अमेरिका को 'ग्रेट' बनाने की बात तो पीछे छूटती दिख रही है, अलबत्ता ट्रंप के लिए 'थ्रेट' (खतरा) का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है.

Photo Credit: Donald Trump Truth Social
जानलेवा हमलों का सिलसिला, कब -कब हुआ?
ट्रंप पर हुए हमलों और साजिशों की फेहरिस्त बहुत लंबी है. अगर बीते कुछ समय की घटनाओं नजर डालें, तो समझ आता है कि सुपरपावर कहलाने वाली अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियां किस कदर नाकाम साबित हुई हैं.
- 13 जुलाई 2024 (बटलर, पेंसिल्वेनिया)- चुनाव प्रचार के दौरान एक खुली रैली में 20 साल के थॉमस क्रूक्स नाम के हमलावर ने पास की एक इमारत की छत से एआर-15 राइफल से अंधाधुंध आठ राउंड फायरिंग की. इस हमले में ट्रंप बाल-बाल बचे, लेकिन गोली उनके दाहिने कान के ऊपरी हिस्से को छूती हुई निकल गई.
- 22 फरवरी 2026 (मार-ए-लागो, फ्लोरिडा)- फ्लोरिडा के पाम बीच पर स्थित ट्रंप के आलीशान रिसॉर्ट 'मार-ए-लागो' की सुरक्षा में भारी चूक हुई. एक हथियारबंद शख्स सुरक्षा घेरे को तोड़कर रिसॉर्ट के भीतर दाखिल हो गया, जिसे सीक्रेट सर्विस के जवानों ने मार गिराया.
- अप्रैल 2026 (व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर)- वॉशिंगटन में आयोजित एक गाला डिनर (प्रेस मीट) के दौरान 31 साल के कोल टॉमस एलन नाम का हमलावर कई खतरनाक हथियारों के साथ घुस गया. वह सीढ़ियों के पास पहुंच चुका था, जिसके ठीक नीचे हॉल में ट्रंप और देश-दुनिया के सैकड़ों पत्रकार मौजूद थे. एजेंट्स ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे दबोच लिया. इस दौरान हुई गोलीबारी में एक फेडरल एजेंट को गोली लगी, लेकिन बुलेट-प्रूफ जैकेट की वजह से उसकी जान बच गई.
- मई 2026 (व्हाइट हाउस चेकपोस्ट पर गोलीबारी) -वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस कॉम्प्लेक्स के ठीक बाहर बने एक सुरक्षा चेकप्वाइंट पर एक शख्स ने आकर अचानक सीक्रेट सर्विस के अफसरों पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में हमलावर मारा गया.
- मई 2026 (इवांका ट्रंप को मारने की साजिश)- एक इराकी नागरिक मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी ने ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप की हत्या की गहरी साजिश रची. इस इराकी शख्स ने साल 2020 में बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए इवांका को मारने की कसम खाई थी.
गन कल्चर की आग में झुलसता सुपरपावर
डोनाल्ड ट्रंप जब भी मंच पर खड़े होते हैं, तो दुनिया भर में अमेरिकी सेना की बहादुरी के कसीदे पढ़ते नहीं थकते. वह हर देश को अपनी सैन्य ताकत का रौब दिखाते हैं, लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि खुद उनका अपना देश इस वक्त आंतरिक हिंसा की भयंकर आग में झुलस रहा है. अमेरिका में 'गन कल्चर' का दौर इस कदर बेकाबू और खराब हो चुका है कि आम शहरी तो दूर, देश के चोटी के नेता भी अपनी जान की सलामती की गारंटी नहीं दे सकते हैं.
ट्रंप खुद हमेशा से गन कल्चर और हथियारों की खुली नुमाइश के बड़े पैरोकार रहे हैं. वह नागरिकों के हथियार रखने के हक की वकालत करते आए हैं, लेकिन आज वही हथियार खुद उनकी और उनके परिवार की जान के दुश्मन बन चुके हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने हथियारों को लेकर साल 1999 में ही मशहूर शो 'लैरी किंग लाइव' में उन्होंने अपनी विचारधारा साफ कर दी थी. उनका तर्क था, "अगर आप बंदूक रखने पर पाबंदी लगाते हैं, तो कानून को मानने वाले लोग तो हथियार छोड़ देंगे, लेकिन अपराधी नहीं. नतीजा यह होगा कि केवल बुरे लोगों के पास बंदूकें होंगी और अच्छे लोग निहत्थे रह जाएंगे."
अमेरिका में हिंसक हमलों के आंकड़े क्या कहते हैं?
यह 1968 के बाद के सबसे ऊंचे आंकड़ों में से एक है. यानी अपराधी और आम जनता के बीच बंदूकों की पहुंच इतनी आसान है कि गुस्सा या रंजिश सीधे मौत के खेल में बदल जाती है. और ट्रंप भले गन कल्चर के समर्थक हैं लेकिन खुद इसके सबसे बड़े पीड़ित रहे हैं.
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