अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रेस को संबोधित किया. इस दौरान रूबियो ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कुछ घंटों में गुड न्यूज आने वाला है. हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि ये गुड न्यूज है लेकिन फाइनल न्यूज नहीं है. गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्रूथ सोशल पोस्ट में कहा था कि ईरान के साथ शांति वार्ता लगभग अंतिम चरण में है.
उन्होंने कहा कि कुछ बिंदुओं पर चर्चा होनी बाकी है. इसके अलावा अमेरिका अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से कहा कि ईरान अपने न्यूक्लियक स्टॉक को छोड़ने की लिए राजी हो गया है. अगर ईरान और अमेरिका के बीच डील हो जाती है तो ये दुनियाभर के लिए गुड न्यूज साबित होगी.
मार्को रूबियो ने और क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते अटूट हैं. दोनों देशों के बीच रणनीतिक रिश्ता भी काफी मायने रखता है. उन्होंने कहा, "दोनों देशों ने आतंकवाद झेला है. दुनिया में हमारे सबसे स्ट्रेटेजिक पार्टनर्स में से एक भारत है. हम दो सबसे बड़ी डेमोक्रेसी हैं. दोनों देशों के हित एक जैसे हैं. हमारी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप सिर्फ रीजनल नहीं है, रीजन से आगे. वेस्टर्न हेमिस्फ़ेयर या स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर हमारा बहुत ज़्यादा तालमेल है. जरूरी मिनरल्स तक पहुंच एक जरूरी मुद्दा है.
भारतीयों के साथ अमेरिका में नस्लीय टिप्पणी पर क्या बोले रूबियो
अमेरिका में भारतीय समुदाय के साथ नस्लीय व्यवहार करने और टिप्पणी किए जाने के सवाल पर विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि हर देश में ऐसे मूर्ख लोग रहते हैं. हमारे यहां भी कुछ लोग हैं जो ऐसा करते हैं.
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