- मद्य निषेध विभाग की भर्ती परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों ने रेलवे पर ट्रेन सेवा में असुविधा का आरोप लगाया
- रेलवे ने परीक्षा के लिए 16 स्पेशल ट्रेनों के संचालन का दावा किया, लेकिन अभ्यर्थियों को इसकी सूचना नहीं थी
- पुलिस ने हंगामे के दौरान छह उपद्रवियों को गिरफ्तार कर पांच सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है
बिहार में एक और भर्ती परीक्षा से पहले भारी बवाल देखने को मिला. मद्य निषेध विभाग की परीक्षा से पहले हुए हंगामे का ठीकरा अभ्यर्थियों ने रेलवे और प्रशासन पर फोड़ा है. उनका कहना है कि रेलवे भले ही स्पेशल ट्रेनों के संचालन का दावा करे, लेकिन उन्हें ट्रेन नहीं मिली. इतना ही नहीं सामान्य ट्रेनों में इतनी भीड़ थी कि वे उसमें भी नहीं चढ़ पाए. ट्रेनों की लेटलतीफी से भी उनका गुस्सा बढ़ा.
दरअसल, मद्य निषेध विभाग में चार हजार से अधिक पदों के लिए परीक्षा हो रही है. सभी 38 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. हंगामा करने वाले ज्यादातर अभ्यर्थी कटिहार, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर की तरफ जाना चाहते थे. वे सभी सीमांचल एक्सप्रेस के इंतजार में थे. सीमांचल एक्सप्रेस जब दानापुर से पाटलिपुत्र जंक्शन आई तो कई बॉगी के दरवाजे अंदर से बंद थे. कुछ अभ्यर्थी दानापुर में ट्रेन में चढ़ गए थे और उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया था. यहीं से हंगामे की शुरुआत हुई जो बाद में पथराव में बदल गया.

क्या कह रहे अभ्यर्थी?
पाटलिपुत्र से परीक्षा देने बेगूसराय पहुंचे छात्र अभिराज ने कहा कि जब बच्चे जहां-तहां फंस गए, शोर मचाने लगे, तब सरकार जागी. इसके बाद स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था हुई. हम जब बोगी के अंदर चले गए तो हमें बाहर निकालने के लिए पानी मारा जा रहा था. हमारी हालत जानवर से भी बदतर कर दी गई थी. बहुत सारे स्टूडेंट का एग्जाम छूट गया है. हम चाहते हैं कि सरकार जो निर्णय बाद में लेती है, वह बहुत पहले लिया जाना चाहिए था.
वहीं बेगूसराय में परीक्षा देने आईं निधि और रीना ने कहा कि सरकार को पहले से व्यवस्था करनी चाहिए थी और हमें बताना चाहिए था. जब पता था कि बिहार में लाखों बच्चों ने फॉर्म भरा है, कितने बच्चे उत्तरी बिहार आने वाले हैं, उसके हिसाब से स्पेशल ट्रेन चलाना चाहिए था.

भागलपुर से समस्तीपुर अपनी बेटी को परीक्षा दिलाने पहुंचे सदानंद यादव ने बताया कि रात 10 बजे ही वह घर से निकले. काफी परेशानियों का सामना करते हुए समस्तीपुर पहुंचे. लड़कियों के लिए होम सेंटर या फिर आसपास के जिलों में सेंटर की व्यवस्था होनी चाहिए थी.
एक अन्य छात्र अनुज कहते हैं, "हमें एक परीक्षा देने के लिए 2 से 3 हजार रुपए खर्च करने होते हैं. हर बार एग्जाम कैंसिल होने का डर होता है. आज परीक्षा छूटने का डर था. कोई स्पेशल ट्रेन नहीं चल रही. सब सामान्य ट्रेन है. इसीलिए छात्र आक्रोशित हुए."
अभ्यर्थी इस बात को लेकर भी आक्रोशित हैं कि जिन स्पेशल ट्रेनों के संचालन की बात अब की जा रही है, वह पहले क्यों नहीं की गई.
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रेलवे का दावा - 16 स्पेशल ट्रेनें चली
पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने कहा कि हम परीक्षा के लिए पहले से स्पेशल ट्रेन चला रहे हैं. हमने 16 स्पेशल ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था की है. इसके अलावा सभी स्टेशनों पर रेक उपलब्ध हैं. अगर कहीं भीड़ बढ़ती है तो आधे घंटे में स्पेशल ट्रेन तैयार की जा सकती है.

6 गिरफ्तार, 500 अज्ञात पर FIR दर्ज
तोड़फोड़ के मामले में रेल पुलिस ने 6 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है. साथ ही 500 अज्ञात पर FIR दर्ज की गई है. रेल पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि हंगामे के दौरान 8 राउंड हवाई फायरिंग की गई और 6 आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए. पुलिस सीसीटीवी के आधार पर अन्य उपद्रवियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
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