इस्लामी खिलाफत की घोषणा करने वाले 'अल दौलतुल इस्लामिया' या 'इस्लामिक स्टेट' ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में कथित रूप से तमाम मुसलमानों से कहा कि वे समूह के नेता अबु बक्र अल-बगदादी के हुक्म मानें।
गत 29 जून को सीरिया और इराक की 'खिलाफत' का ऐलान करने वाले बगदादी ने सुल में अपने 'खुतबे' (धर्मसंदेश) में यह अपील की। काली पगड़ी और लबादा पहने बगदादी ने कहा, मैं वली (नेता) हूं, जो आपकी सदारत कर रहा है। हालांकि मैं आप सब में बेहतरीन नहीं हूं, इसलिए अगर आप देखें कि मैं सही हूं, मेरी मदद करें।
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उन्होंने कहा, अगर आप देखें कि मैं गलत हूं, मुझे सलाह दें और मुझे सही रास्ते पर लाएं, और जब तक मैं खुदा के हुक्म मानता हूं, आप मेरा मानें।
एएफपी बगदादी को कथित रूप से दिखाने वाले इस वीडियो के सही होने की तत्काल पुष्टि नहीं कर सकी है। अभी तक बगदादी की बस दो ज्ञात तस्वीरें हैं। इस्लामी आंदोलनों के विशेषज्ञ ऐमन अल-तमीमी के अनुसार इस वीडियो में बगदादी पहली बार आधिकारिक रूप से सामने आया है। यह संभव है कि वह 2008 के एक वीडियो में किसी अन्य नाम से सामने आया हो।
बगदादी ने कहा, अल्लाह ने जिहाद और इस्तकलाल (सब्र) के लंबे साल के बाद आप के मुजाहिद भाइयों को जीत दी है...सो उन्होंने खिलाफत का ऐलान किया है और खलीफा चुना है। उसने मस्जिद के मिंबर (प्रवचन-मंच) से लोगों को संबोधित करते हुए कहा, यह मुसलमानों का फर्ज है, जो सदियों से छूटा हुआ था।
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