- ब्रिटेन और फ्रांस ने मिलकर सीरिया के पलमायरा के उत्तर में ISIS के अंडरग्राउंड ठिकाने पर संयुक्त हवाई हमला किया
- RAF के टाइफून FGR4 और फ्रांसीसी विमानों ने एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग के साथ अत्याधुनिक बमों का उपयोग किया
- ठिकाना ISIS द्वारा हथियार और विस्फोटक जमा करने के लिए था और ऑपरेशन में किसी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा
ब्रिटेन और फ्रांस ने मिलकर सीरिया में आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ एक बड़ा संयुक्त हवाई अभियान चलाया है. यह हमला सीरिया के ऐतिहासिक शहर पलमायरा से कुछ मील उत्तर में पहाड़ी इलाके में किया गया, जहां ISIS का एक अंडरग्राउंड ठिकाना मौजूद था. इस ऑपरेशन में ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स (RAF) और फ्रांस की वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया.
RAF के टाइफून FGR4 लड़ाकू विमानों से एयर स्ट्राइक
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, RAF के टाइफून FGR4 लड़ाकू विमानों ने फ्रांसीसी विमानों के साथ मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया. इन विमानों को वॉयेजर एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर से ईंधन सपोर्ट मिला. हमले में अत्याधुनिक Paveway IV गाइडेड बमों का इस्तेमाल किया गया, जिनसे भूमिगत ठिकाने तक जाने वाली सुरंगों को निशाना बनाया गया.

हथियार और विस्फोटक जमा करने का था अड्डा
खुफिया एजेंसियों की गहन जांच में सामने आया था कि यह अंडरग्राउंड सुविधा ISIS द्वारा हथियार और विस्फोटक जमा करने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी. राहत की बात यह रही कि जिस इलाके में यह ठिकाना था, वहां किसी भी तरह की नागरिक आबादी नहीं थी. शुरुआती आकलन में लक्ष्य के पूरी तरह सफलतापूर्वक तबाह होने के संकेत मिले हैं और किसी नागरिक को नुकसान पहुंचने की कोई सूचना नहीं है. सभी ब्रिटिश और फ्रांसीसी विमान सुरक्षित अपने ठिकानों पर लौट आए.
मार्च 2019 में बाघूज फवकानी में ISIS की सैन्य हार के बाद भी RAF लगातार सीरिया के ऊपर गश्त कर रहा है, ताकि आतंकी संगठन के दोबारा सिर उठाने की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके.
एयर स्ट्राइक पर ब्रिटेन के रक्षा मंत्री का बयान
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने कहा कि यह कार्रवाई दिखाती है कि ब्रिटेन अपने सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ISIS जैसी हिंसक और खतरनाक विचारधाराओं को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने इस ऑपरेशन में शामिल सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमता और साहस की सराहना की.
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि क्रिसमस और न्यू ईयर के दौरान भी हजारों ब्रिटिश सैनिक दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तैनात थे. यह ऑपरेशन इस बात का संकेत है कि ब्रिटिश सेना साल भर किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है- चाहे वह देश की सुरक्षा हो या अंतरराष्ट्रीय स्थिरता.
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