- स्वीडन ने PM मोदी को रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस से सम्मानित किया
- यह सम्मान 1748 में स्थापित हुआ था और स्वीडन के हितों के लिए सार्वजनिक कार्यों की मान्यता देता है
- पीएम मोदी ने स्वीडिश पीएम से व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की
स्वीडन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस' से सम्मानित किया. यह किसी भी राष्ट्राध्यक्ष को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है. यह प्रधानमंत्री मोदी को मिला 31वां वैश्विक सम्मान है.आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 'रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार' सम्मान की स्थापना 1748 में की गई थी और इसका उद्देश्य स्वीडन के हितों के लिए व्यक्तिगत प्रयासों (विशेष रूप से सार्वजनिक गतिविधियों के क्षेत्र में, साथ ही सार्वजनिक कार्यों और कर्तव्यों के सफल निष्पादन को) को मान्यता देना है.
जब पीएम को मिला सम्मान, तब का वीडियो
#WATCH गॉथेनबर्ग: स्वीडन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस' से सम्मानित किया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 17, 2026
यह किसी भी राष्ट्राध्यक्ष को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। यह प्रधानमंत्री मोदी को मिला 31वां वैश्विक सम्मान है।
(सोर्स: DD न्यूज़) pic.twitter.com/6eIoEYSicW
किन मुद्दों पर हुई बात
इससे पहले पीएम मोदी ने अपने स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित व्यापक वार्ता की. स्वीडिश प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन ने दो-दिवसीय दौरे पर स्वीडन पहुंचे मोदी का गोथेनबर्ग हवाई अड्डे पर विशेष आगवानी की. पीएम मोदी इससे पूर्व 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने स्वीडन आए थे. दोनों पक्षों ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और पारस्परिक व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशे. वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच कारोबार 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था. बातचीत के दौरान, दोनों पक्षों ने हरित परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नयी प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप्स, सुदृढ़ आपूर्ति शृंखलाओं, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु परिवर्तन और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंध जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया.
पीएम मोदी ने इससे पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था, ‘‘मैं प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन से व्यापार, निवेश, नवाचार, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में भारत-स्वीडन मित्रता को आगे बढ़ाने के लिए मुलाकात करुं.''
इस यूरोपीय देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते समय प्रधानमंत्री मोदी के विमान को स्वीडिश वायुसेना के जेट विमानों द्वारा सुरक्षा प्रदान की गई. हवाई अड्डे पर उनके स्वीडिश समकक्ष क्रिस्टर्सन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. गोथेनबर्ग पहुंचने के तुरंत बाद, मोदी ने भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की. उनका स्वागत संगीतमय प्रस्तुतियों से किया गया, जिनमें स्वीडिश ओपेरा गायिका चार्लोटा हुल्ड्ट द्वारा 'वैष्णव जन तो' भजन की प्रस्तुति और लीला अकादमी के छात्रों द्वारा भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति शामिल थी. स्वागत समारोह के दौरान, प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन की उपस्थिति में, बांग्ला संस्कृति का एक शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया गया. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘बांग्ला संस्कृति विश्व भर में लोकप्रिय है और स्वीडन भी इसका अपवाद नहीं है.''
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