- भारत सरकार के सचिव सिबी जॉर्ज ने नीदरलैंड्स में प्रेस की स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की स्थिति पर जवाब दिया
- उन्होंने कहा कि भारत में चार प्रमुख धर्मों की उत्पत्ति हुई है और सभी का सद्भावपूर्वक सह-अस्तित्व रहा है
- भारत में यहूदी, ईसाई और इस्लाम धर्मों का भी प्राचीन और शांतिपूर्ण इतिहास रहा है, जो देश की विविधता दर्शाता है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड्स से स्वीडन जा चुके हैं. नीदरलैंड्स में भारत की तरफ से वहां पत्रकारों को दौरे से जुड़ी ब्रीफिंग दी जा रही थी, तभी एक सवाल भारत में प्रेस और अल्पसंख्यकों की आजादी पर पूछ लिया गया. पत्रकार का मकसद जो भी हो, लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ऐसा जवाब दिया कि पत्रकार को भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा. मगर ये जवाब इतना दमदार है कि हर भारतवासी को गर्व होगा. वहीं दुनिया के लिए भी भारत का एक मैसेज था.
'भारत में चार धर्मों की उत्पत्ति हुई'
सिबी जॉर्ज ने कहा, 'मैं अपने अनुभव से बता दूं कि इस तरह के प्रश्न तभी आते हैं, जब पूछने वाले व्यक्ति की समझ में कमी होती है. भारत 1 अरब 40 करोड़ लोगों का देश है. दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है. ये एक ऐसा देश है, जिसकी सभ्यता 5000 साल से भी अधिक पुरानी है. यह एक विविधतापूर्ण देश है. यहां लोगों की विविधता, संस्कृति की विविधता, भाषा की विविधता, खान-पान की विविधता, धर्म की विविधता है. भारत को देखिए, यह कितना सुंदर है. ऐसा कोई दूसरा देश नहीं है, जहां चार धर्मों की उत्पत्ति हुई हो: हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और सिख धर्म. इन धर्मों की उत्पत्ति भारत में हुई और यहीं फले-फूले.
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#Live | Responding to questions on press freedom and minorities, MEA Secretary (West) Sibi George said India's strength lies in its diversity, democratic values and peaceful coexistence of all religions. “This is the beauty of India,” he said.
— DD India (@DDIndialive) May 16, 2026
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'ईसाई धर्म यूरोप से पहले भारत आया'
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) ने आगे कहा, 'फिर से भारत को देखिए. कई प्राचीन धर्म भारत आए. भारत में यहूदी धर्म 2500 साल से भी अधिक पुराना है. भारत में इसका निरंतर सह-अस्तित्व रहा है. भारत शायद उन कुछ देशों में से एक है, जहां यहूदियों को कभी उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ा. यही भारत की खूबसूरती है. फिर ईसाई धर्म को देखिए. ईसा मसीह के तुरंत बाद ईसाई धर्म भारत आया और यहां फलता-फूलता रहा. आज भारत में 3 करोड़ से अधिक ईसाई हैं. भारत आने से बहुत पहले ईसाई धर्म यूरोप में आया था और यहां फला-फूला. यही भारत की खूबसूरती है. इस्लाम पैगंबर मोहम्मद के समय में ही भारत गया और यहां फला-फूला. जब भी दुनिया के किसी भी हिस्से में अतीत में उत्पीड़न हुआ, हर धर्म भारत आया और यहां फला-फूला. यही भारत की खूबसूरती है. यह प्रश्न इसी बात की समझ की कमी के कारण उठता है. आज हम 1 अरब 40 करोड़ लोग हैं, विविधता से भरपूर, शांति और सद्भाव में रहते हैं.'
भारत में कितने स्मार्टफोन हैं?
सिबी जॉर्ज ने कहा, 'इसके अलावा हमारे पास एक लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार है. यहां शांतिपूर्ण ढंग से सरकारें बदलती हैं. फिर से एक खूबसूरत बात. हां, (अपना मोबाइल फोन दिखाते हुए) जिस आजादी की आप बात कर रहे हैं, तो ये एक बहुत ही महत्वपूर्ण हथियार है. क्या आप जानते हैं कि भारत में कितने स्मार्टफोन हैं? 90 करोड़. देश में हर किसी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है. प्रेस की स्वतंत्रता है. यही बात हमारे लोकतंत्र को एक बहुत ही मुखर लोकतंत्र बनाती है और हमें इस पर गर्व है. अभी भारत में हाल ही में चुनाव हुए. क्या आप जानते हैं कि भागीदारी का स्तर क्या था? 90 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने मतदान किया. यही भारत की खूबसूरती है. यह एक जीवंत लोकतंत्र है. जब हम सुधारों और परिवर्तन की बात करते हैं, तो सुधार होते हैं, भारत ट्रांसफॉर्म और परफॉर्म करता है. इसमें सूचनाओं का बहुत योगदान है.'
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