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VIDEO: सर्बिया की राजधानी पर छात्रों का उतरा हुजूम, यूरोपीय संघ ने जताई चिंता

विश्लेषकों का मानना ​​है कि अगर चुनाव के नतीजे बहुत करीबी रहे, तो स्थिति अनिश्चित हो सकती है. अगर रविवार को मतदान खत्म होने के बाद दोनों पक्ष अपनी जीत का दावा करते हैं, तो चुनाव के बाद अस्थिरता पैदा होने का खतरा है.

VIDEO: सर्बिया की राजधानी पर छात्रों का उतरा हुजूम, यूरोपीय संघ ने जताई चिंता
सर्बिया में चुनाव बाद टकराव की आशंका बढ़ गई है. (फोटो-सोशल मीडिया)
  • सर्बिया में युवा आंदोलन के लाखों समर्थक संसदीय चुनावों से पहले राजधानी बेलग्रेड में बड़ी रैली में शामिल हुए
  • नवंबर 2024 से चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शन को सत्ताधारी दल के बावजूद व्यापक समर्थन मिल रहा है
  • चुनाव परिणाम निकट रहने पर राजनीतिक अस्थिरता और दोनों पक्षों के जीत के दावों का खतरा बना हुआ है

सर्बिया में विरोध कर रहे युवा आंदोलन के लाखों समर्थक गुरुवार को एक आखिरी चुनावी रैली में इकट्ठा हुए. यह रैली सप्ताहांत में होने वाले संसदीय चुनावों से ठीक पहले आयोजित की गई, जो बाल्कन देश के शक्तिशाली और लोकलुभावन नेता अलेक्जेंडर वुसिक के लिए एक बड़ी चुनौती है. 

क्या कर रही ये भीड़

राजधानी बेलग्रेड के केंद्रीय स्लाविया चौक पर चारों तरफ से लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, और आसपास की कई सड़कें भी लोगों से भर गईं. झंडे लहराती और जोश से भरी भीड़ 'जीत' के नारे लगा रही थी. रविवार को होने वाले मतदान से पहले लोगों में काफी उम्मीदें दिख रही थी. यह मतदान ऐसे समय में हो रहा है, जब पिछले लगभग दो वर्षों से छात्र वुसिक के सख्त शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

नवंबर 2024 में जब से ये विरोध प्रदर्शन शुरू हुए हैं, तब से छात्र आंदोलन को मिलने वाला समर्थन लगातार बढ़ा है. देश के मुख्यधारा के मीडिया और सभी संस्थानों पर सत्ताधारी दल का पूरा नियंत्रण होने के बावजूद, छात्रों की चुनावी सूची (स्टूडेंट्स लिस्ट) को वुसिक की दक्षिणपंथी 'सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी' के बराबर ही समर्थन मिल रहा है.

टकराव की बढ़ रही आशंका

ड्रामा की छात्रा नतालिया स्टेपानोविच ने भीड़ से कहा, "बस तीन दिन और बचे हैं, ये भी बीत जाएंगे." उन्होंने आगे कहा, "डर, ब्लैकमेल और अन्याय भी खत्म हो जाएंगे. तानाशाह हमेशा की तरह चले जाएंगे, लेकिन इस देश के लोग हमेशा बने रहें. वे हमारे साझा संघर्ष के एक प्रतीक के रूप में मजबूती से खड़े रहेंगे."

विश्लेषकों का मानना ​​है कि अगर चुनाव के नतीजे बहुत करीबी रहे, तो स्थिति अनिश्चित हो सकती है. अगर रविवार को मतदान खत्म होने के बाद दोनों पक्ष अपनी जीत का दावा करते हैं, तो चुनाव के बाद अस्थिरता पैदा होने का खतरा है. पुलिस पर नियंत्रण रखने वाले वुसिक ने कहा है कि मतदान के बाद अगर कोई अशांति होती है, तो उसे तुरंत दबा दिया जाएगा.

पिछले दो वर्षों में, विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए सरकार ने कई छात्रों को हिरासत में लिया है. चुनाव से पहले वुसिक अपने विरोधियों के खिलाफ आक्रामक प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने छात्रों पर आरोप लगाया है कि उन्हें देश को बर्बाद करने के लिए विदेशों से फंडिंग मिल रही है.

अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षकों और यूरोपीय संघ ने इस चुनाव की निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. इस चुनाव प्रक्रिया पर सरकार का मीडिया पर लगभग पूरा नियंत्रण है, कार्यकर्ताओं की निगरानी की खबरें हैं, उन पर साइबर हमले हुए हैं, और समाज भी बुरी तरह बंटा हुआ है.

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