- सर्बिया में छात्र आंदोलन की ऐतिहासिक जीत, हार के बाद बेलग्रेड से हटी पुलिस; वुचिच की पार्टी सत्ता से बाहर
- दो साल के आंदोलन का असर, छात्र समर्थित दल को मिला बहुमत
- 16 लोगों की मौत से शुरू हुआ आंदोलन, अब बदल दी सरकार
सर्बिया के संसदीय चुनाव में ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव के बीच राजधानी बेलग्रेड में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला. राष्ट्रपति अलेक्सांदार वुचिच की पार्टी की हार स्वीकार करने के बाद केंद्रीय बेलग्रेड से पुलिस और दंगा-रोधी बलों की वापसी शुरू हो गई. चुनाव परिणामों से पहले शहर के प्रमुख सरकारी स्थलों पर बड़ी संख्या में पुलिस, जेंडरमेरी और बख्तरबंद वाहनों की तैनाती की खबरें सामने आई थीं. लेकिन छात्र समर्थित "स्टूडेंट लिस्ट" की जीत के बाद माहौल बदल गया और सड़कों पर जश्न मनाती भीड़ दिखाई देने लगी.
हार के बाद बेलग्रेड से हटी पुलिस
संसदीय चुनाव में छात्र समर्थित "स्टूडेंट लिस्ट" को बड़ी जीत मिलती दिखाई देने के बाद बेलग्रेड के केंद्रीय हिस्सों से पुलिस बलों की वापसी शुरू हो गई. सोशल मीडिया और स्थानीय रिपोर्टों में सामने आए वीडियो में दंगा-रोधी पुलिस को शहर के प्रमुख इलाकों से हटते हुए देखा गया. वहीं चुनाव परिणामों की प्रतीक्षा के दौरान पहले बड़ी संख्या में पुलिस और जेंडरमेरी बलों की तैनाती की गई थी. रिपोर्टों के अनुसार कुछ सुरक्षा बलों को सर्बियाई राष्ट्रपति भवन और रिपब्लिक इलेक्टोरल कमीशन (RIK) मुख्यालय की ओर भी भेजा गया था. पुलिस की बाहर निकलने के दौरान स्थानीय लोग सड़कों पर जश्न मनाते दिखे और कुछ जगह पुलिस को मारकर खदेड़ते हुए भी दिखे.
🚨 WATCH: SERBIAN POLICE WITHDRAW FROM CENTRAL BELGRADE! Police are seen pulling back from central Belgrade amid reports that President Aleksandar Vučić's ruling party has lost power to the student-backed Student List. The footage captures a dramatic moment in Serbia's political unrest. The real test now is whether the political transition will be peaceful and whether the will of Serbian voters will be respected.
— AnatolijUkraine (@AnatoliUkraine) October 26, 2026
दो साल पुराने आंदोलन की जीत
यह राजनीतिक बदलाव नवंबर 2024 में नवी साद रेलवे स्टेशन पर कैनोपी गिरने की घटना के बाद शुरू हुए आंदोलन का परिणाम माना जा रहा है. उस हादसे में 16 लोगों की मौत हुई थी. हादसे के बाद भ्रष्टाचार और सरकारी जवाबदेही के खिलाफ छात्रों के नेतृत्व में प्रदर्शन शुरू हुए, जो धीरे-धीरे देशव्यापी आंदोलन में बदल गए. बाद में इसी आंदोलन ने "स्टूडेंट लिस्ट" के रूप में चुनावी राजनीति में एंट्री की थी.
वुचिच ने मानी हार
करीब 99 प्रतिशत वोटों की गिनती के बाद शुरुआती नतीजों में स्टूडेंट लिस्ट को 52.7 प्रतिशत वोट मिले, जबकि अलेक्सांदार वुचिच की सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (SNS) के नेतृत्व वाले गठबंधन को 39.2 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए. चौंकाने वाली बात यह रही कि मतदान समाप्त होने के दो घंटे के भीतर ही वुचिच ने हार स्वीकार कर ली. हाल के वर्षों में लगातार मजबूत राजनीतिक नियंत्रण बनाए रखने वाले वुचिच की हार को सर्बिया की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
सड़कों पर उतरे हजारों लोग
नतीजों के बाद बेलग्रेड समेत कई शहरों में जश्न का माहौल बन गया. हजारों लोग सड़कों पर उतर आए. जगह-जगह आतिशबाजी हुई, गाड़ियों के हॉर्न बजे और समर्थकों ने विजय जुलूस निकाले. स्टूडेंट लिस्ट के उम्मीदवार राडोमिर सैचिच ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों के साथ न्याय, स्वतंत्रता और गरिमा की उम्मीद भी जीती है. करीब 70 प्रतिशत मतदान ने भी इस चुनावी उलटफेर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
हिंसा से दूर रहने की अपील
जश्न के बीच कुछ स्थानों पर तनाव की स्थिति भी बनी. रिपोर्टों के मुताबिक दर्जनों लोग वुचिच समर्थक माने जाने वाले टैबलॉयड इन्फॉर्मर के कार्यालय तक पहुंच गए और प्रसारण बाधित हुआ. भवन के बाहर दंगा-रोधी पुलिस के साथ हल्की झड़प की भी खबरें सामने आईं. हालांकि छात्र आंदोलन ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की. आंदोलन से जुड़े नेता इलिजा सर्दानोविच ने भी लोगों से शांत और संयमित रहने को कहा.
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