गुरुवार की सुबह यूक्रेन के लोगों की नींद रूस की तरफ से युद्ध के आह्वान (Ukraine-Russia War) के साथ खुली. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने गुरुवार की तड़के सुबह पड़ोसी देश यूक्रेन पर चढ़ाई (Russia Invasion in Ukraine) का आदेश दे दिया था. युद्ध के पहले दिन को लेकर रूस ने कहा है कि उसका पहला दिन सफल रहा है और उसने अपने सारे लक्ष्य पूरे कर लिए हैं. रूस ने यह भी बताया है कि उसने जमीन पर यूक्रेन के 83 टारगेट को नष्ट कर दिया है. आधिकारिक रिपोर्ट्स की मानें तो रूस ने गुरुवार को यूक्रेन पर कुल 203 हमले किए. वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा है कि दुनिया का सबसे ताकतवर मुल्क हमले के वक्त दूर खड़े बस देखता रहा.
उधर, रूस के हमले के बाद यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. यूक्रेन में फंसे भारतीय बच्चों को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार को आदेश देने की गुहार लगााई गई है. स्वदेश वापसी तक यूक्रेन में फंसे बच्चों को मेडिकल सुविधा, रहने और खाने की व्यवस्था करने की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट में वकील विशाल तिवारी ने जनहित याचिका दाखिल की है. आज तिवारी अपनी याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग के लिए मेंशन करेंगे.
भारतीयों को निकालने के लिए भारत हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और रोमेनिया की मदद ले रहा है. हंगरी में भारतीय दूतावास ने गाइडलाइंस जारी की हैं.
बता दें कि यूक्रेन पर रूस का यह हमला दूसरे विश्व युद्ध के बाद यह किसी यूरोपीय देश पर पहली बार इतना बड़ा हमला हुआ है. यूक्रेन ने रूस का तीन मोर्चों से सामना किया क्योंकि यूक्रेन को रूस ने जमीन, आसमान और समंदर के रास्ते घेर लिया था. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की ने एक वीडियो संदेश में बताया कि लड़ाई के पहले दिन 137 मौतें हुई हैं, वहीं 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.
रूस से लड़ने के लिए हमें 'अकेला छोड़' दिया गया, युद्ध के पहले दिन 137 की मौत : यूक्रेन राष्ट्रपति
इस हमले के बाद दुनियाभर के देशों में हलचल है. कई पश्चिमी देशों ने रूस को कई चेतावनियां दी हैं और उसके खिलाफ कई प्रतिबंध लगाए हैं. NATO, EU और G7 जैसे समूहों के नेताओं ने इस आक्रमण की भर्त्सना की है और रूस को इसके लिए परिणाम भुगतने की बात कही है.