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'भाड़े के टट्टुओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे'... ईरान में प्रदर्शनों के लिए खामेनेई ने ट्रंप को ठहराया जिम्मेदार

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने ट्रंप पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हाथ हजारों ईरानियों के खून से सने हैं... जिस तरह 1979 की क्रांति में शाही शासन को उखाड़ फेंका था, वैसे ही "अहंकारी" अमेरिकी नेता (ट्रंप) का भी अंत होगा.

  • ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को अराजक तत्व और तोड़फोड़ करने वाला करार दिया
  • टीवी पर अपने संबोधन में खामेनेई ने प्रदर्शनों के पीछे ट्रंप को जिम्मेदार ठहराते हुए विदेशी दखल का आरोप लगाया
  • खामेनेई ने कहा कि वो उन लोगों को बर्दाश्त नहीं करेंगे जो विदेशियों के भाड़े के टट्टू बनकर काम कर रहे हैं
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ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. बढ़ते प्रदर्शनों के बीच अपने पहले संबोधन में खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को अराजक तत्व और तोड़फोड़ करने वाला करार दिया तथा कहा कि वह इनकी धौंस के आगे नहीं झुकेंगे. उन्होंने इन प्रदर्शनों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी खुलकर जिम्मेदार ठहराया है. 

प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका का हाथ बताया

सरकारी टीवी पर अपने संबोधन में खामेनेई ने प्रदर्शनों के पीछे बाहरी ताकतों खासकर अमेरिका का हाथ बताया और कहा कि महज अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए लोग अपने ही देश की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं. खामेनेई ने चेतावनी दी कि ईरान उन लोगों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा, जो विदेशियों के "भाड़े के टट्टू" के रूप में काम कर रहे हैं.

'दूसरों के यहां दखल के बजाय अपना देश संभालें'

खामेनेई ने ट्रंप पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हाथ हजारों ईरानियों के खून से सने हैं. उनका कहना था कि जिस तरह 1979 की क्रांति में शाही शासन को उखाड़ फेंका गया था, वैसे ही "अहंकारी" अमेरिकी नेता (ट्रंप) का भी अंत होगा. उन्होंने अमेरिका को नसीहत देते हुए कहा कि वह दूसरों के मामले में दखल देने के बजाय अपने देश को संभालने पर ध्यान दें.

गौरतलब है कि ईरान में महंगाई के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन अब सत्ता विरोधी आंदोलन में तब्दील हो चुके हैं. इसे पिछले तीन वर्षों का सबसे बड़ा प्रदर्शन बताया जा रहा है, जो देश के हर प्रांत तक फैल चुका है. 

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रजा पहलवी ने ज्यादा आंदोलनों की अपील की

ईरान के बाहर बैठे विपक्षी गुट के नेताओं ने इस आंदोलन की आग में घी डालने का काम किया है. दिवंगत शाह के निर्वासित बेटे रजा पहलवी ने सोशल मीडिया के जरिए ईरानियों से और ज्यादा संख्या में सड़कों पर उतरने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया की नजर इस वक्त ईरान की जनता पर टिकी हैं. 

इंटरनेट बैन के बावजूद प्रदर्शन कम नहीं

प्रदर्शनों को फैलने से रोकने के इरादे से ईरान में इंटरनेट पर बैन लगा दिया गया है. इससे बाहरी दुनिया से उसका संपर्क एक तरह से तरह कट गया है. इसके बावजूद लोग अपना विरोध जता रहे हैं. सरकारी टीवी पर जलती हुई बसों, कारों और इमारतों की तस्वीरें दिखाई जा रही है. मानवाधिकार समूहों का दावा है कि इन हिंसक प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 42 लोगों की मौत हो चुकी है और 2200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है.

ट्रंप ने दी 'बहुत कड़ी सजा' देने की धमकी

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी ईरान सरकार को साफ चेतावनी दी है कि अगर उसने प्रदर्शनकारियों को मारना शुरू किया, जैसा कि वो दंगों के दौरान करता रहा है तो अमेरिका उन्हें बहुत कड़ी सजा देगा.  ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लोगों की आजादी की मांग का भी समर्थन किया है. हालांकि उन्होंने ईरान के निर्वासित शाह के बेटे रजा पहलवी को समर्थन पर कोई साफ फैसला नहीं किया है. 

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