- ईरान में महंगाई विरोध प्रदर्शन अब आयतुल्ला अली खामेनेई की सत्ता को चुनौती देने वाला बड़ा आंदोलन बन गया है.
- महिलाएं खामेनेई की तस्वीरें सिगरेट से जला रही हैं और अपना विरोध दर्ज करा रही हैं.
- प्रदर्शन पूरे ईरान में फैल चुके हैं, 31 प्रांत प्रभावित हुए हैं और लाखों लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर हैं.
ईरान में सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्ला अली खामेनेई को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज हो गए हैं. यह आंदोलन महंगाई के खिलाफ शुरू हुआ था, लेकिन अब यह खामेनेई की सत्ता को चुनौती देने वाला सबसे बड़ा विरोध बन गया है.
प्रदर्शनकारियों को खामेनेई की सत्ता उखाड़ फेंकने और दिवंगत शाह के बेटे रेजा पहलवी को गद्दी सौंपने के नारे लगाते सुना गया. हर उम्र और तबके के लोग इस आंदोलन में शामिल हैं.
महिलाओं का नया विरोध
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिलाएं खामेनेई की तस्वीरों को सिगरेट से जलाती दिख रही हैं. यह कदम न सिर्फ राजनीतिक सत्ता बल्कि सामाजिक नियमों, जैसे अनिवार्य हिजाब और महिलाओं पर प्रतिबंधों, को खुली चुनौती माना जा रहा है.

यह ट्रेंड X, Instagram और Telegram पर तेजी से फैल रहा है और हजारों बार शेयर किया जा चुका है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रतीकात्मक विरोध अब वैश्विक डिजिटल आंदोलन बन गया है.
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गुस्से में सड़क पर उतरी महिलाएं
ईरान में बढ़ती महंगाई, गिरती मुद्रा और खाद्य कीमतों ने जनता का गुस्सा भड़काया है. प्रदर्शनकारियों ने कई जगह सरकारी दफ्तरों को आग लगाई और नेताओं की तस्वीरें जलाईं. यह विरोध 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए आंदोलन का नया रूप है.
अधिकारियों की चेतावनी के बावजूद यह ट्रेंड रुक नहीं रहा है, जिससे ईरानी महिलाओं का प्रतिरोध अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में बना हुआ है.
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अब तक 42 की मौत
ईरान के प्रदर्शन ने गुरुवार को एक अलग ही मोड़ दे लिया. यह प्रदर्शन पूरे ईरान में फैलने के साथ और उग्र रूप ले चुका है. अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी ने कहा कि अब तक, प्रदर्शनों के आसपास हुई हिंसा में कम से कम 42 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 2,270 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.
ईरान में विरोध प्रदर्शन के 5 बड़े अपडेट-
महिलाओं का नया ‘जलता विरोध' ट्रेंड: वायरल वीडियो में महिलाएं सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरों को सिगरेट से जला रही हैं, जो पूरे विश्व में डिजिटल रूप से वायरल हो रहा है.
सरकारी संस्थान जलाए गए और प्रदर्शन तेज: आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई के विरोध में सड़कों पर भीड़, दुकानों और सरकारी दफ्तरों में आग लगते तस्वीरें सामने आईं; अस्पतालों और बाज़ारों में तलाशी अभियान भी हंगामेदार रहे.
लाखों प्रदर्शनकारी सड़कों पर: यह आंदोलन 250+ शहरों तक फैल चुका है और अब 27 में से 31 प्रांत प्रभावित हुए हैं. लाखों लोग 'खामेनेई हटाओ' और 'रेज़ा पहलवी लाओ' जैसे नारे लगा रहे हैं.
कड़ी हिंसा, दर्जनों की मौत: अमनेस्टि इंटरनेशनल और HRW के अनुसार 31 दिसंबर से 3 जनवरी के बीच कम से कम 28–36 प्रदर्शनकारी मारे गए और 1,200+ गिरफ्तारियां हुईं. सुरक्षा बलों द्वारा लाइव फायरिंग और धक्का मुक्की हुई.
सरकार की सख्त प्रतिक्रिया: ईरानी सुरक्षा बल, IRGC और FARAJA ने अस्पतालों, बाज़ारों और सार्वजनिक स्थानों पर आंसू गैस, धारे बंदूकें, पानी की तोपों और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया; इंटरनेट बंद रखकर विरोध को दबाने का प्रयास किया गया.
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