पाकिस्तान में कराची के पास चारना आइलैंड पर लश्कर-ए-तैयबा की समुद्री ट्रेनिंग का बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, पर्यटन की आड़ में आतंकियों को स्कूबा डाइविंग, कॉम्बैट स्विमिंग और अंडरवॉटर ऑपरेशन की ट्रेनिंग दी जा रही है. खुफिया एजेंसियों के इनपुट के बाद भारतीय नौसेना और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. इन सबके बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या लश्कर समुद्र के रास्ते बड़े हमले की तैयारी कर रहा है.
ये ट्रेनिंग लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी संगठन 'पाकिस्तानी मरकजी मुस्लिम लीग' (PMML) के सदस्य दे रहे हैं. खुफिया एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा अपनी समुद्री ताकत बढ़ाने में जुटा है.
क्या है ट्रेनिंग का असली मकसद?
लश्कर का खास मरीन विंग 2008 से एक्टिव है, जो अब जमीन के रास्ते घुसपैठ के अलावा समुद्र के रास्ते हमले पर फोकस करना शुरू कर दिया है. चारना आइलैंड पर ट्रेनिंग का मकसद समुद्र के रास्ते घुसपैठ, अंडरवॉटर ऑपरेशन और समुद्री ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता विकसित करना हो सकता है.
लश्कर के इस विशेष समुद्री विंग को खुफिया एजेंसियां मरीन विंग या सदा-ए-हुर्रियत के नाम से भी जानती हैं. कराची के पास समुद्र में चल रही इन गतिविधियों ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और नौसेना की चिंता बढ़ा दी है. इस तरह की एक्टिविटीज को देखते हुए यह सवाल उट रहे हैं कि क्या लश्कर अब समुद्र के रास्ते किसी बड़े हमले की तैयारी में जुटा है?
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