लश्कर-ए-तैयबा के ऑनलाइन भर्ती नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने शुक्रवार को कश्मीर में छह जगहों पर छापेमारी की. इस कार्रवाई का निशाना एक ऐसा मॉड्यूल था, जो कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए कश्मीरी युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था और उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल कर रहा था. ये छापेमारी अभियान स्थानीय पुलिस और राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर, कार्यकारी मजिस्ट्रेटों की मौजूदगी में बडगाम, श्रीनगर, बिजबेहरा, अनंतनाग के मट्टन और पुलवामा के एक गांव में चलाए गए.
यह कार्रवाई तीन साल पुराने एक मामले के संबंध में की गई है, जो CIK श्रीनगर पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 07/2023 के तहत दर्ज है. यह मामला कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को बरगलाकर प्रतिबंधित आतंकी संगठनों में शामिल करने वाले एक आतंकी भर्ती मॉड्यूल से जुड़ा है.
पाकिस्तान तक है कनेक्शन!
जिन घरों की तलाशी ली गई, उनमें मोहम्मद यासीन मीर (22) का घर भी शामिल था. वह एक ग्रेजुएट है और श्रीनगर में शालटेंग पुलिस स्टेशन के पास जैनाकोट की शेख-उल-आलम कॉलोनी, होकेरसर का रहने वाला है. इस छापेमारी का नेतृत्व CIK कुपवाड़ा के DySP ने किया.
गौर करने वाली बात है कि मीर की मां तबस्सुम शाहीन, जो एक पाकिस्तानी नागरिक हैं, पिछले साल 29 अप्रैल को पाकिस्तान चली गई थीं और तब से वापस नहीं लौटी हैं. यह साफ नहीं है कि उन्हें वीजा नहीं मिला या उन्होंने खुद ही वापस न आने का फैसला किया. जांच अधिकारियों के मुताबिक, वह अपने बेटे के संपर्क में हैं. CIK अब इस संपर्क की बारीकी से जांच कर रही है.
सूत्रों ने बताया कि तलाशी के दौरान डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों सहित आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई. बॉर्डर पार ऑपरेटर्स और स्थानीय संपर्कों के बारे में आगे के सुराग के लिए सामग्री की जांच की जा रही है. सीआईके ने कहा कि जांच जारी है और आगे की तलाशी और गिरफ्तारी से इनकार नहीं किया जा सकता है.
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