पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को अपनी 2026 की 'रेड बुक ऑफ मोस्ट वांटेड हाई-प्रोफाइल टेररिस्ट्स' में भगोड़े के तौर पर शामिल किया है. FIA की वेबसाइट पर 2026 की रेड बुक का उल्लेख आधिकारिक तौर पर किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने मसूद अजहर की गिरफ्तारी या उसके बारे में विश्वसनीय सूचना देने पर घोषित इनाम को बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दिया है. बताया जा रहा है कि पहले उसके सिर पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम था. यानी अब इसमें 20 लाख रुपये की बढ़ोतरी की गई है.
FIA की काउंटर टेररिज्म विंग तैयार करती है रेड बुक
मसूद अजहर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का प्रमुख है. FIA की काउंटर टेररिज्म विंग हाई-प्रोफाइल आतंकवादियों की रेड बुक तैयार और प्रकाशित करती है. एजेंसी के मुताबिक, उसकी काउंटर टेररिज्म विंग का काम आतंकवाद और आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े मामलों की जांच करना तथा मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की रेड बुक तैयार करना है.

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब FATF की अक्टूबर 2026 की प्लेनरी बैठक 26 से 30 अक्टूबर को पेरिस में प्रस्तावित है. FATF की आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार अक्टूबर में प्लेनरी बैठक होती है और संगठन की निगरानी सूची में शामिल देशों के संबंध में स्थिति की समीक्षा की जाती है.
FATF की ग्रे लिस्ट में पाकिस्तान को दोबारा डाले जाने पर संशय
हालांकि, पाकिस्तान को दोबारा FATF की ग्रे लिस्ट में डालने का कोई आधिकारिक निर्णय अभी सामने नहीं आया है. इसलिए इस कदम को FATF के दबाव से सीधे जोड़ने के बजाय इसे पाकिस्तान की आतंकवाद-विरोधी और अंतरराष्ट्रीय अनुपालन संबंधी कवायद के संदर्भ में देखना अधिक उचित होगा.
मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाए जाने से पाकिस्तान के उस पुराने दावे पर भी सवाल उठते हैं कि वह देश में मौजूद नहीं है. पाकिस्तान लंबे समय से यह दावा करता रहा है कि अजहर अफगानिस्तान चला गया है. वहीं, FIA के मौजूदा रिकॉर्ड में उसका नाम अब भी मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की सूची में शामिल है.
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