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मसूद अजहर ही नहीं, मुंबई आतंकी हमले से जुड़े 19 टेरेरिस्ट को भी पाकिस्तान ने Red Book में किया शामिल, आरोप क्या हैं?

नई Red Book में 11 लश्कर-ए-तैयबा आतंकियों के नाम भी हैं, जिन्होंने हमलावरों की समुद्री यात्रा के लिए अल-हुसैनी और अल-फौज नावों की व्यवस्था और मदद की थी.

मसूद अजहर ही नहीं, मुंबई आतंकी हमले से जुड़े 19 टेरेरिस्ट को भी पाकिस्तान ने Red Book में किया शामिल, आरोप क्या हैं?
फाइल फोटो
NDTV

मसूद अजहर के अलावा पाकिस्तान की FIA की नई Red Book में 26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े 19 आतंकियों के नाम शामिल हैं. इन आतंकियों पर मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं को मदद पहुंचाने, फंडिंग करने और हमलावरों के लिए नावों का इंतजाम करने के आरोप हैं.

इन 19 में से 17 आतंकियों के नाम, तस्वीरें और 26/11 हमले में उनकी भूमिका का जिक्र किया गया है. लेकिन पाकिस्तान ने दो आतंकियों के मामले में अहम जानकारियां हटा दी हैं. तुरबत के रहने वाले मोहम्मद खान का नाम नई सूची में बरकरार है. 

FIA के मुताबिक, उसने हमलावरों को मुंबई पहुंचाने के लिए ‘अल-हुसैनी' नाव उपलब्ध कराई थी. लेकिन नई सूची से उसकी तस्वीर, लश्कर-ए-तैयबा से संबंध और ऑपरेशनल भूमिका हटा दी गई है.

इसी तरह बहावलनगर के अब्दुल रहमान की भी तस्वीर और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड से हटा दी गई है. जबकि 2021 की FIA सूची में दोनों की तस्वीरों के साथ उनकी पूरी भूमिका दर्ज थी.

किसके नाम नई रेड बुक में?

नई Red Book में 11 लश्कर-ए-तैयबा आतंकियों के नाम भी हैं, जिन्होंने हमलावरों की समुद्री यात्रा के लिए अल-हुसैनी और अल-फौज नावों की व्यवस्था और मदद की थी. इनमें मोहम्मद अमजद खान, शाहिद गफूर, मोहम्मद उस्मान, अतीक-उर-रहमान, रियाज अहमद, मोहम्मद मुश्ताक, मोहम्मद नईम, अब्दुल शकूर, मोहम्मद साबिर सल्फी, मोहम्मद उस्मान और शकील अहमद शामिल हैं.

इसके अलावा FIA की सूची में छह ऐसे आतंकियों के नाम हैं, जिन्होंने 26/11 हमले के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराई थी. फैसलाबाद के मोहम्मद इफ्तिखार अली ने हमलावरों और उनके हैंडलर्स के बीच बातचीत के लिए VOIP कनेक्शन स्थापित करने में 70 हजार पाकिस्तानी रुपये खर्च किए थे.

रावलपिंडी के मोहम्मद जिया ने 80 हजार रुपये, खानेवाल के मोहम्मद अब्बास नासिर ने 2 लाख 53 हजार रुपये, कसूर के जावेद इकबाल ने 1 लाख 86 हजार 430 रुपये, मंडी बहाउद्दीन के मुख्तार अहमद ने 2 लाख 98 हजार 47 रुपये, जबकि बट्टाग्राम के अहमद सईद ने 21 लाख पाकिस्तानी रुपये हमले के लिए दिए थे.

पाकिस्तान बोल रहा है झूठ

FIA के मुताबिक, 26/11 हमले में शामिल ये 17 आतंकी पिछले 18 साल से फरार हैं. हालांकि, भारतीय खुफिया सूत्रों का दावा है कि ये सभी 17 आतंकी अब भी पाकिस्तान में मौजूद हैं.

ऐसे में सवाल उठता है कि अगर पाकिस्तान को इन आतंकियों की भूमिका और ठिकानों की जानकारी है, तो उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? भारतीय खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इन आतंकियों को Most Wanted सूची में शामिल करना सिर्फ अंतरराष्ट्रीय दबाव और निगरानी को गुमराह करने की कोशिश है.

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