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वृंदावन गुरुकुल हादसा : पानी के टैंक की सफाई करने उतरने 4 छात्रों की मौत, जहरीली गैस की आशंका

मथुरा के वृंदावन स्थित एक गुरुकुल में भूमिगत पानी की टंकी की सफाई के दौरान चार बच्चों की मौत हो गई. प्रारंभिक जांच में जहरीली गैस की आशंका जताई गई है. प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं.

वृंदावन गुरुकुल हादसा : पानी के टैंक की सफाई करने उतरने 4 छात्रों की मौत, जहरीली गैस की आशंका
वृंदावन में टंकी की सफाई के दौरान चार बच्चों की मौत
ANI
  • पानी की टंकी की सफाई बनी जानलेवा, गुरुकुल परिसर में चार मासूमों ने गंवाई जान
  • वृंदावन हादसे के बाद गुरुकुल की मान्यता पर सवाल
  • CM के संज्ञान में आया वृंदावन हादसा, जांच के आदेश
मथुरा:

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसे में चार बच्चों की जान चली गई. पुलिस के अनुसार यह घटना बुधवार को सामने आयी. चैतन्य विहार क्षेत्र स्थित एक गुरुकुल परिसर में बदबू आने के बाद भूमिगत पानी की टंकी की सफाई करने पहुंचे कुछ बच्चे जहरीली गैस की चपेट में आ गए. टंकी में उतरते ही बच्चे बेहोश हो गए, जिससे चार की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया. मुख्यमंत्री ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए जांच और उपचार के निर्देश दिए हैं.

बदबू आने पर शुरू हुई टंकी की सफाई

जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के अनुसार घटना वृंदावन के चैतन्य विहार क्षेत्र में स्थित एक संस्थान में हुई, जिसका संचालन आशीष शर्मा द्वारा किया जा रहा था. यहां एक गुरुकुल संचालित था, जिसमें लगभग 200 बच्चों का पंजीकरण बताया गया है, जबकि करीब 100 बच्चे वर्तमान में परिसर में रह रहे थे. मंगलवार शाम परिसर में स्थित एक भूमिगत पानी की टंकी से तेज दुर्गंध आने की शिकायत सामने आई. इसके बाद बच्चों ने स्वयं ही टंकी की सफाई करने का प्रयास शुरू किया. पहले टंकी का पानी निकाला गया, जिसके बाद कुछ बच्चे उसके अंदर उतर गए.

जहरीली गैस की चपेट में आए बच्चे

हादसा तब हुआ जब करीब 10 से 12 फीट गहरे पानी के टैंक की सफाई के लिए बच्चे एक-एक कर टैंक में उतरे. प्रशासन के अनुसार प्राथमिक जांच में आशंका है कि टंकी के भीतर जहरीली गैस भरी हुई थी. जैसे ही बच्चे टंकी के अंदर उतरे, वे बेहोश होने लगे. बताया गया कि कुल पांच बच्चे टंकी में उतरे थे. इनमें से चार बच्चे बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौत हो गई, जबकि एक बच्चा किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा. घायल बच्चे का उपचार कराया जा रहा है. घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि मृत चारों छात्रों की उम्र 17 से 20 वर्ष के बीच थी. उनके शवों को पोस्टमार्टम गृह भेज दिया गया है और परिजनों को सूचना दी जा रही है. रुद्र नामक एक छात्र बच गया और उसका उपचार चल रहा है.

एसएसपी कुमार ने बताया कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी. उन्होंने कहा कि परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

घायल बच्चे ने कहा- सबकी ड्यूटी लगती थी

रिपोर्टर: कितने लोग गए थे उसमें?
घायल छात्र: उसमें एक ही लोग गए थे पहले. फिर जब वो गिर गए तो उनके बाद में उतरे एक लड़का. उसका पैर फिसल गया था तो उसके धक्के में हम चले गए थे.   
रिपोर्टर: किसी ने कहा था आप लोगों से?   
घायल छात्र: हाँ, सफाई चलती थी, सबकी ड्यूटी रहती थी, तो आज सब बच्चे मिलके कर रहे थे.
रिपोर्टर: कितने बजे की घटना होगी ये?   
घायल छात्र: अभी लगभग आधा घंटे करीब।   
रिपोर्टर: क्या नाम है आपका?   
घायल छात्र: रुद्र.

मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान

हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया. जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया. प्रशासन को घायल बच्चे के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश भी दिए गए. घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया.

हादसे के तुरंत बाद विद्यालय संचालक ने यहां लगा बैनर बोर्ड फाड़ दिया.

गुरुकुल की मान्यता पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद गुरुकुल के संचालन और उसकी वैधता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जिलाधिकारी ने कहा कि जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी होगा कि यह संस्थान किस आधार पर संचालित किया जा रहा था. प्रशासन के अनुसार वहां रहने वाले बच्चे स्थानीय नहीं थे, बल्कि विभिन्न राज्यों से आए हुए थे. ऐसे में यह पता लगाया जाएगा कि संस्थान को आवश्यक मान्यता प्राप्त थी या नहीं और बच्चों को वहां किस व्यवस्था के तहत रखा गया था.

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संस्थान को आधिकारिक मान्यता प्राप्त नहीं होने की बात सामने आ रही है. इसी वजह से पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी. जांच में यह देखा जाएगा कि गुरुकुल किन परिस्थितियों में संचालित किया जा रहा था, सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं, और बच्चों को टंकी की सफाई जैसे जोखिमपूर्ण कार्य में कैसे शामिल किया गया.

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