- नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने अपनी बेटी जु ऐ को ही भविष्य में गद्दी देने का मन बना लिया है
- साउथ कोरिया की खुफिया एजेंसी ने सरकारी कार्यक्रमों में जु ऐ की बढ़ती उपस्थिति के आधार पर यह जानकारी दी है
- जु ऐ को सत्तारूढ़ पार्टी में दूसरे सबसे महत्वपूर्ण पद सेंट्रल कमेटी की फर्स्ट सेक्रेटरी बनाए जाने की संभावना
नॉर्थ कोरिया के तानाशाह सुप्रीम लीडर किम जोंग उन अपनी बेटी को ही गद्दी सौंपने वाले हैं. अब यह बात कयास भर नहीं है. नॉर्थ कोरिया के सबसे बड़े प्रतिद्वंदी देश साउथ कोरिया की खुफिया एजेंसी ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि किम जोंग ने अपनी बेटी जु ऐ को ही भविष्य की सुप्रीम लीडर के तौर पर आगे बढ़ा दिया है. न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार साउथ कोरिया के एक सांसद ने गुरुवार, 12 फरवरी को यह जानकारी दी. यह बात सियोल की मुख्य खुफिया एजेंसी की ब्रीफिंग के बाद कही गई.
बता दें कि किम परिवार कई दशकों से नॉर्थ कोरिया पर सख्त नियंत्रण के साथ तानाशाही शासन कर रहा है. वहां “पैक्टू वंश” को लेकर व्यक्तित्व पूजा बहुत मजबूत है और इसका असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. किम की किशोर बेटी जु ऐ को लंबे समय से अगली सुप्रीम लीडर माना जा रहा था. हाल के समय में उनके कई बड़े और अहम सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखने से यह धारणा और मजबूत हुई है.
नॉर्थ कोरिया में इस महीने होगी अहम राजनीतिक बैठक
इस महीने होने वाली एक बड़ी राजनीतिक बैठक से पहले जारी तस्वीरों ने भी इस सोच को और पक्का कर दिया था. जनवरी में सरकारी मीडिया ने दिखाया कि जु ऐ अपने पिता के साथ कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन में श्रद्धांजलि देने गई थीं. यहीं नॉर्थ कोरिया के संस्थापक किम इल सुंग और दूसरे नेता किम जोंग इल के शव रखे गए हैं.
फरवरी के अंत में नॉर्थ कोरिया में एक बहुत बड़ी पार्टी बैठक होने वाली है. इसमें अगले पांच साल की विदेश नीति, युद्ध की तैयारी और परमाणु योजनाओं पर बात होगी. साउथ कोरिया की खुफिया एजेंसी ने कहा है कि वह इस बैठक में जु ऐ की मौजूदगी और उन्हें मिलने वाले सम्मान पर खास नजर रखेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि जु ऐ को सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी में सेंट्रल कमेटी की फर्स्ट सेक्रेटरी बनाया जा सकता है, जो देश का दूसरा सबसे ताकतवर पद है. जु ऐ पहली बार 2022 में दुनिया के सामने आई थीं, जब वे अपने पिता के साथ एक लंबी दूरी की मिसाइल लॉन्च के मौके पर दिखीं.
इसके बाद से सरकारी मीडिया उन्हें “प्यारी संतान” और “मार्गदर्शन देने वाली महान शख्सियत” कहने लगा है. यह शब्द आमतौर पर बड़े नेताओं और उनके उत्तराधिकारियों के लिए इस्तेमाल होता है. 2022 से पहले उनकी मौजूदगी की पुष्टि सिर्फ एक बार हुई थी, जब पूर्व एनबीए खिलाड़ी डेनिस रोडमैन ने 2013 में नॉर्थ कोरिया की यात्रा की थी.
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