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नॉर्थ कोरिया में चलती रहेगी किम जोंग की तानाशाही, पार्टी अधिवेशन में फिर चुना गया सुप्रीम लीडर

North Korea: किम जोंग उन को वहां की सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ने अपने पार्टी अधिवेशन में एक बार फिर जनरल सेक्रेटरी चुन लिया है.

नॉर्थ कोरिया में चलती रहेगी किम जोंग की तानाशाही, पार्टी अधिवेशन में फिर चुना गया सुप्रीम लीडर
North Korea: किम जोंग को फिर से सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी का जनरल सेक्रेटरी चुना गया
  • नॉर्थ कोरिया की वर्कर्स पार्टी ने किम जोंग उन को एक बार फिर जनरल सेक्रेटरी चुना है
  • किम जोंग उन ने पार्टी अधिवेशन में देश की परमाणु ताकत को युद्ध रोकने की क्षमता का आधार बताया है
  • पांच साल में एक बार होने वाला यह पार्टी अधिवेशन देश की आर्थिक और राजनीतिक नीतियों को निर्धारित करता है

नॉर्थ कोरिया में किम जोंग उन तानाशाह बने रहेंगे. किम जोंग उन को वहां की सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ने अपने पार्टी अधिवेशन में एक बार फिर जनरल सेक्रेटरी चुन लिया है. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार, 23 फरवरी को नॉर्थ कोरिया की सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी. यह फैसला रविवार को, अधिवेशन के चौथे दिन, “सभी प्रतिनिधियों की अटूट इच्छा और सर्वसम्मति” से लिया गया. ऐसा इस कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने बताया है. रिपोर्ट में कहा गया कि किम जोंग उन के नेतृत्व में “देश की युद्ध रोकने की क्षमता, जिसका आधार परमाणु ताकत है, बहुत ज्यादा मजबूत हुई है.”

खास है यह पार्टी अधिवेशन

यह पार्टी अधिवेशन पांच साल में सिर्फ एक बार होता है. कई दिनों तक चलने वाला यह कार्यक्रम उस देश के सिस्टम की झलक देता है, जहां साधारण जानकारी भी गोपनीय रखी जाती है. यह बैठक जनता के लिए घर बनाने से लेकर युद्ध की योजना बनाने तक, हर सरकारी काम की दिशा तय करती है. गुरुवार को अधिवेशन की शुरुआत करते हुए अपने भाषण में किम ने लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का वादा किया था. इससे यह संकेत मिला कि दुनिया भर में लगे कई प्रतिबंधों से यह देश प्रभावित है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव है.

किम ने अधिवेशन में कहा, “आज हमारी पार्टी के सामने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, लोगों के जीवन स्तर को सुधारने और राज्य व समाज के सभी क्षेत्रों में जल्द से जल्द बदलाव लाने जैसे भारी और जरूरी ऐतिहासिक काम हैं.”

कई दशकों तक नॉर्थ कोरिया में परमाणु हथियार और सैन्य ताकत को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया, भले ही खाने की कमी हो गई और अकाल जैसी स्थिति बन गई. लेकिन 2011 में सत्ता संभालने के बाद से किम जोंग ने गरीब देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दिया है. 2021 में हुए पिछले पार्टी अधिवेशन में किम ने स्वीकार किया था कि आर्थिक विकास के “लगभग सभी क्षेत्रों” में गलतियां हुई थीं. किम जोंग का यह स्वीकार करना दुर्लभ था.

किम पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि इस साल का अधिवेशन देश के परमाणु हथियार कार्यक्रम के अगले चरण की घोषणा करेगा. सरकारी मीडिया ने सोमवार को बताया कि रविवार की बैठक में पार्टी ने अपने नियमों में बदलाव करने के लिए भी वोट किया. इसका उद्देश्य “पार्टी की एकता को गुणात्मक रूप से मजबूत करना” और “पार्टी अनुशासन लागू करने में निष्पक्षता सुनिश्चित करना” है.

बता दें कि किम परिवार के कई दशकों के शासन में यह वर्कर्स पार्टी का सिर्फ नौवां अधिवेशन है. किम के पिता किम जोंग इल के समय यह बैठक बंद कर दी गई थी, लेकिन 2016 में इसे फिर से शुरू किया गया. किम ने इस गुप्त और दुनिया भर से कटे देश नॉर्थ कोरिया में अपनी व्यक्तित्व पूजा को बढ़ाने में कई साल लगाए हैं, और यह अधिवेशन उन्हें अपनी पूर्ण सत्ता दिखाने का एक और मौका देता है.

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