अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमला करके वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सत्ता उखाड़ दी, उन्हें और उनकी पत्नी को पकड़कर अमेरिका के जेल में बंद कर दिया. यह सिर्फ ड्रग्स के खिलाफ अमेरिका का एक मिलिट्री ऑपरेशन नहीं था, यह पूरी दुनिया को एक मैसेज था कि ट्रंप जो चाहेंगे, वो करेंगे. इस एक मिलिट्री ऑपरेशन ने नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन कि रातों की नींद उड़ा दी है. वो अपने परमाणु हथियारों को बढ़ाने में जुट गए हैं. किम जोंग ने पिछले 5 सालों में पहली बार अपनी पार्टी की बैठक बुलाई है और यहीं पर परमाणु जखीरे को बढ़ाने वाला प्लान रखा जाएगा. इतना ही नहीं अभी जनवरी का महीना बीता नहीं है और नॉर्थ कोरिया पहले ही दो बैलिस्टिक मिसाइलों का परिक्षण कर चुका है. क्या सच में ट्रंप ने किम जोंग को इतना डरा दिया है?
परमाणु हथियारों को बढ़ाने में जुटा नॉर्थ कोरिया
किम जोंग उन अपनी पार्टी की बैठक में देश की परमाणु ताकत को मजबूत करने की योजना का खुलासा करेंगे. नॉर्थ कोरिया के सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी में दूसरा मिसाइल टेस्ट लॉन्च करने के बाद के बाद किम जोंग ने कहा कि इससे उनके दुश्मनों को "कष्टदायी मानसिक पीड़ा" होगी. गौरतलब है कि नॉर्थ कोरिया में राज करने वाली वर्कर्स पार्टी की ऐतिहासिक कांग्रेस (बैठक) आने वाले हफ्तों में होने की उम्मीद है और यह पांच साल में पहली कांग्रेस है.
किम ने उस बैठक से पहले देश के मिसाइल उत्पादन के "विस्तार" और आधुनिकीकरण का आदेश दिया है. मंगलवार को एक बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट की निगरानी करते हुए, किम ने कहा कि पार्टी बैठक में देश की परमाणु युद्ध निवारक (न्यूक्लियर वॉर डेटरेंस) की क्षमता को और मजबूत करने के लिए अगले चरण की योजनाओं को स्पष्ट किया जाएगा. नॉर्थ कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी, केसीएनए ने कहा कि किम जोंग ने अपने सीनियर अधिकारियों और अपनी छोटी बेटी के साथ "बड़े-कैलिबर" मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का परीक्षण देखा, जिसने चार मिसाइलें दागीं.

क्या ट्रंप ने किम जोंग को डरा दिया है?
साउथ कोरिया के नेता के शिखर सम्मेलन के लिए चीन जाने से कुछ घंटे पहले दागी गई मिसाइलों के बाद, नॉर्थ कोरिया द्वारा इस महीने किया गया यह दूसरा परीक्षण था. किम जोंग सिर्फ मिसाइलों को पैना करने में नहीं लगे हैं, वो अपने परमाणु हथियारों को भी बढ़ाने में लगे हैं. कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस एनालिसिस के प्रमुख रिसर्चर ली हो-रयुंग ने न्यूज एजेंसी AFP को बताया कि आने वाली पार्टी बैठक में संभवतः किम यह घोषणा करते दिखेंगे कि "अब लक्ष्य परमाणु हथियार चलाने की कौशल को अधिकतम करना है".
अब यह सवाल कि क्या ट्रंप ने किम जोंग को डरा दिया है. जवाब है हां. कम से कम नॉर्थ कोरिया के पूर्व दूत को तो ऐसा ही लगता है. हवाना में नॉर्थ कोरिया के एक पूर्व दूत ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि इस महीने जिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला करके वहां के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सत्ता को उखाड़ फेंका, उन्हें गिरफ्तार करके अमेरिकी जेल में बंद कर दिया है, इस पूरे अमेरिकी ऑपरेशन ने नॉर्थ कोरिया के तानाशाह को यह महसूस कराया होगा कि उनका भी सिर कटने का खतरा है.
एक इंटरव्यू में ली इल-क्यू ने कहा कि वेनेजुएला में अमेरिका का ऑपरेशन उनके पूर्व बॉस के लिए सबसे खराब स्थिति है. ली इल-क्यू ने 2019 से 2023 तक क्यूबा में नॉर्थ कोरिया के राजनीतिक सलाहकार के रूप में कार्य किया था.
यह भी पढ़ें: अमेरिका का सबसे खास दोस्त देश चला चीन की ओर, ब्रिटिश पीएम क्या दे रहे ट्रंप को मैसेज
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं