North Korea fires ballistic missile: उत्तर कोरिया ने एक बार फिर मिसाइल लॉन्च करके पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है. दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने येलो सी (पीला सागर) की तरफ कई प्रोजेक्टाइल दागे, जिनमें बैलिस्टिक मिसाइल भी शामिल थी. पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हो रहे मिसाइल परीक्षणों ने एशिया में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है. इसी बीच खबरें हैं कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी उत्तर कोरिया का दौरा कर सकते हैं. ऐसे में इस नए मिसाइल परीक्षण को क्षेत्रीय ताकत दिखाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है.
दक्षिण कोरिया ने क्या दावा किया?
दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि उत्तर कोरिया ने मंगलवार को कई प्रोजेक्टाइल दागे, जिनमें एक बैलिस्टिक मिसाइल भी शामिल थी. इन्हें येलो सी यानी पीला सागर की तरफ छोड़ा गया. हाल के हफ्तों में तानाशाह शासक किम जोंग उन के निर्देश पर उत्तर कोरिया ने कई मिसाइल परीक्षण किए हैं. विश्लेषकों का कहना है कि कूटनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ा यह देश शायद कमजोर पड़ते अंतरराष्ट्रीय नियमों का फायदा उठाकर अपनी परमाणु ताकत को और मजबूत करना चाहता है.
उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया सरकार की रिश्ते सुधारने की कोशिशों को भी बार-बार ठुकराया है. वह लगातार सियोल (दक्षिण कोरिया की राजधानी) को अपना सबसे “दुश्मन” विरोधी बताता रहा है. अब दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने मंगलवार को कहा कि दोपहर करीब 1 बजे उत्तर कोरिया के चोंगजू शहर से येलो सी की तरफ छोड़े गए “कई प्रोजेक्टाइल” का पता लगाया गया. इनमें एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल भी शामिल थी.
दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि मिसाइलें करीब 80 किलोमीटर तक गईं. दक्षिण कोरिया की सेना तरफ से कहा गया कि वह और उसके मुख्य सुरक्षा साझेदार अमेरिका और जापान “पूरी तैयारी” की स्थिति में हैं और आपस में खुफिया जानकारी शेयर कर रहे हैं.
इस साल 8 बार मिसाइल परीक्षण कर चुका उत्तर कोरिया
यह लॉन्च 37 दिनों में उत्तर कोरिया का पहला और इस साल का आठवां मिसाइल परीक्षण था. अप्रैल में भी उत्तर कोरिया ने ऐसा ही एक परीक्षण किया था. उस समय उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने कहा था कि यह “क्लस्टर बम वॉरहेड की ताकत और विशेषताओं की जांच” के लिए किया गया था.
दक्षिण कोरिया की योनहाप न्यूज एजेंसी ने पिछले हफ्ते सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा था कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस हफ्ते कभी भी उत्तर कोरिया का दौरा कर सकते हैं. ध्यान रहे कि चीन उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा आर्थिक और राजनीतिक समर्थक है, हालांकि हाल के वर्षों में उत्तर कोरिया रूस के और करीब आया है. अब तक न तो बीजिंग और न ही प्योंगयांग ने शी जिनपिंग की यात्रा की पुष्टि की है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं