
ढाका:
केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के दो दिवसीय बांग्लादेश यात्रा के पहले दिन दोनों देशों ने सोमवार को एक प्रत्यर्पण संधि सहित दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
डेली स्टार की रपट के अनुसार, बांग्लादेश के गृह मंत्री मुहिउद्दीन खान आलमगीर और शिंदे ने अपने-अपने देश के प्रतिनिधि के रूप में समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
इसके पहले अपनी मुलाकात के बाद दोनों मंत्रियों ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में समझौतों की घोषणा की।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकवाद से निपटने के लिहाज से तैयार की गई इस प्रत्यर्पण संधि में कुछ इनकार के प्रावधान भी हैं।
बांग्लादेश के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति का प्रत्यर्पण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता होगा, तो सम्बंधित देश प्रत्यर्पण अनुरोध को खारिज कर सकता है।
दोनों पक्षों ने एक नई वीजा व्यवस्था पर भी हस्ताक्षर किए, जिसका शीर्षक 'रिवाइज्ड ट्रैवेल अरेंजमेंट' (आरटीए) है।
वीजा समझौते के अनुसार, दोनों देशों के व्यापारियों को पांच वर्षीय बहुप्रवेश वीजा दिया जाएगा।
जो लोग चिकित्सकीय आधार पर यात्रा करना चाहेंगे, उन्हें दो वर्ष का बहुप्रवेश वीजा दिया जाएगा, जिसे अतिरिक्त एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। चिकित्सकीय उद्देश्य के मामले में किसी मरीज के साथ तीन तिमारदार भी वीजा पाने के हकदार होंगे।
मुलाकात के दौरान बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के अंतर्राष्ट्रीय मामलों के सलाहकार गौहर रिजवी, गृह राज्य मंत्री शमसुल हक तुकू, भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त तारिक ए. करीम और ढाका में भारतीय उच्चायुक्त पंकज सरन मौजूद थे।
डेली स्टार की रपट के अनुसार, बांग्लादेश के गृह मंत्री मुहिउद्दीन खान आलमगीर और शिंदे ने अपने-अपने देश के प्रतिनिधि के रूप में समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
इसके पहले अपनी मुलाकात के बाद दोनों मंत्रियों ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में समझौतों की घोषणा की।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकवाद से निपटने के लिहाज से तैयार की गई इस प्रत्यर्पण संधि में कुछ इनकार के प्रावधान भी हैं।
बांग्लादेश के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति का प्रत्यर्पण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता होगा, तो सम्बंधित देश प्रत्यर्पण अनुरोध को खारिज कर सकता है।
दोनों पक्षों ने एक नई वीजा व्यवस्था पर भी हस्ताक्षर किए, जिसका शीर्षक 'रिवाइज्ड ट्रैवेल अरेंजमेंट' (आरटीए) है।
वीजा समझौते के अनुसार, दोनों देशों के व्यापारियों को पांच वर्षीय बहुप्रवेश वीजा दिया जाएगा।
जो लोग चिकित्सकीय आधार पर यात्रा करना चाहेंगे, उन्हें दो वर्ष का बहुप्रवेश वीजा दिया जाएगा, जिसे अतिरिक्त एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। चिकित्सकीय उद्देश्य के मामले में किसी मरीज के साथ तीन तिमारदार भी वीजा पाने के हकदार होंगे।
मुलाकात के दौरान बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के अंतर्राष्ट्रीय मामलों के सलाहकार गौहर रिजवी, गृह राज्य मंत्री शमसुल हक तुकू, भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त तारिक ए. करीम और ढाका में भारतीय उच्चायुक्त पंकज सरन मौजूद थे।
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