मास्को:
रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि लीबिया में विदेशी सैन्य हस्तक्षेप किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने कहा है कि यदि लीबियाई शासक मुअम्मार गद्दाफी की सेना ने नागरिकों के खिलाफ रासायनिक हथियारों या युद्धक विमानों का इस्तेमाल किया तो फ्रांस और ब्रिटेन लीबियाई सेना पर हवाई हमले के लिए तैयार हैं। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है, "विदेशी सैन्य हस्तक्षेप को खारिज किया जाना चाहिए।" रूसी विदेश मंत्रालय के बयान में हाल के अफ्रीकी संघ के प्रस्ताव का स्वागत किया गया है। इस प्रस्ताव में लीबिया की सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया गया है तथा किसी भी विदेशी सैन्य हस्तक्षेप की निंदा की गई है। रूसी विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब काहिरा में अरब लीग के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक होने वाली है, जिसमें इस बात पर चर्चा होगी कि लीबिया के ऊपर उड़ान निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया जाए या नहीं। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सैन्य कर्मियों ने जरूरत पड़ने पर वायुसेना एवं नौसेना को लड़ाई के लिए भेजने हेतु आपात योजना तैयार करनी शुरू कर दी है। ज्ञात हो कि गद्दाफी के खिलाफ 14 फरवरी से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक हजारों की संख्या में लोग मारे जा चुके हैं।
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