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This Article is From Mar 21, 2011

भारत ने कहा, लीबिया में रोकी जाए बमबारी

नई दिल्ली: भारत ने सोमवार को पश्चिमी देशों से आग्रह किया कि लीबिया में की जा रही बमबारी रोक दी जाए, साथ ही उसने सुझाव दिया कि मुअम्मार गद्दाफी के शासन के खिलाफ हिंसक विद्रोह को समाप्त कर बातचीत का रास्ता अपनाया जाए। पर साथ ही विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने स्पष्ट किया कि भारत गद्दाफी का मित्र नहीं है और लीबिया के लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। ज्ञात हो कि भारत सुरक्षा परिषद के उन पांच सदस्यों में शामिल था, जिन्होंने पिछले सप्ताह लीबिया पर उड़ान निषिद्ध क्षेत्र घोषित करने का समर्थन करने वाले प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा नहीं लिया था। अन्य चार सदस्यों में रूस, चीन, जर्मनी और ब्राजील शामिल हैं। कृष्णा ने कहा, "संघर्ष रोका जाना समय की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि भारत, लीबिया में जारी हिंसा और बिगड़ रहे मानवीय हालात पर गम्भीर चिंता व्यक्त करता है। कृष्णा ने कहा, "हम लीबिया में हो रहे हवाई हमले पर खेद प्रकट करते हैं।" उन्होंने कहा कि मुख्यरूप से फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका द्वारा किए जा रहे हवाई हमलों से बेगुनाह नागरिकों, विदेशी नागरिकों, दूतावासों और उनके कर्मचारियों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कृष्णा ने कहा, "भारत सभी पक्षों से आह्वान करता है कि उन्हें मतभेदों को दूर करने के लिए हिंसा, धमकी व बल का प्रयोग न करें। भारत का मानना है कि सभी पक्षों को संयुक्त राष्ट्र और अन्य क्षेत्रीय संगठनों के जरिए एक शांतिपूर्ण संवाद में हिस्सा लेना चाहिए और किसी समझौते का रास्ता निकालना चाहिए।" जब से पश्चिमी देशों ने लीबिया पर बमबारी शुरू की है, भारत, चीन और रूस पश्चिमी हस्तक्षेप का विरोध किया है। मास्को ने इस रक्तपात को रोकने की मांग की है।

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भारत, लीबिया, बमबारी