टोक्यो:
जापान के फुकुशिमा दाइची परमाणु विद्युत संयंत्र से 40 किलोमीटर दूर विकिरण का स्तर समान्य से 400 गुना अधिक पाया गया है। फुकुशिमा प्रांत में नल के पानी में रेडियोएक्टिव आयोडीन का स्तर सुरक्षा मानक से अधिक मापा गया है। इसके साथ ही जापान के पास समुद्र में रेडियोधर्मी पदार्थ पाए जाने की बात सामने आई है। संयंत्र के रिएक्टरों में बिजली बहाली की कोशिश मंगलवार को दोबारा शुरू की गई है। क्षतिग्रस्त रिएक्टर संख्या-3 को भी ठंडा करने के लिए उस पर पानी डाला जा रहा है। सरकारी रेडियो चैनल एनएचके ने जापान के विज्ञान मंत्रालय के हवाले से बताया कि फुकुशिमा दाइची परमाणु विद्युत संयंत्र से 40 किलोमीटर दूर मिट्टी में विकिरण का स्तर सामान्य से 400 गुना अधिक पाया गया है। ज्ञात हो कि मंत्रालय ने सोमवार को जमीन से करीब पांच सेंटीमीटर नीचे की मिट्टी लेकर उसकी जांच की। इस मिट्टी में विकिरण के तत्व पाए गए। गुनमा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर केइगो इंडो ने कहा कि आयोडीन द्वारा फैले विकिरण का यह स्तर मिट्टी में पाए जाने वाले विकिरण के सामान्य स्तर से 430 गुना अधिक है। जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक उसे फुकुशिमा प्रांत के पांच स्थानों के नल के पानी में आयोडीन विकिरण का स्तर शिशुओं के लिए निर्धारित समान्य स्तर से अधिक मिला है। मंत्रालय का कहना है कि इससे शिशुओं को तत्काल खतरा नहीं है लेकिन लोगों को अपने बच्चों को इस पानी को न पिलाने और दूध में न मिलाने की सलाह दी गई है अग्निशमन दल के अधिकारियों ने मंगलवार को जहां भूकम्प प्रभावित जापान के फुकुशिमा दाइची परमाणु बिजली संयंत्र के क्षतिग्रस्त रिएक्टर संख्या-3 पर पानी डालने का काम शुरू कर दिया, वहीं जापान के पास समुद्र में रेडियोधर्मी पदार्थ पाए जाने की बात सामने आई है। भीषण भूकम्प और सुनामी के बाद विस्फोटों और आग के कारण क्षतिग्रस्त हुए फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के रिएक्टरों में बिजली बहाली की कोशिश दोबारा शुरू हो गई है। टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कम्पनी (टेप्को) ने कहा है कि फुकुशिमा के परमाणु संयंत्र संख्या 1 के पास समुद्र के पानी में रेडियोधर्मी पदार्थ पाए गए हैं। समुद्र से इकट्ठा किए गए नमूने में रेडियोधर्मी आयोडीन और सीजियम का स्तर वैध स्तर से अधिक पाया गया है। इस स्तर को हालांकि सुरक्षित बताया गया है और कहा गया है कि यदि कोई औसत मात्रा में एक साल तक रोजाना इस स्तर के प्रभाव वाले पानी का सेवन करे तो भी कोई नुकसान नहीं होगा। जापान सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार रेडियोधर्मिता से सम्बंधित आंकड़े आईएईए और अन्य महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों को देती रही है। मुख्य मंत्रिमंडलीय सचिव युकियो इदानो इस आशय की खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें कहा गया था कि आईएईए ने जापान सरकार द्वारा दिए आंकड़े से अधिक रेडियोधर्मिता का स्तर पाया है। जापानी अधिकारियों ने कहा कि वे रेडियोधर्मिता से सम्बंधित आंकड़े अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को दे रहे हैं। इसी के साथ जापान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने क्षतिग्रस्त परमाणु संयंत्र की स्थिति संभालने में अमेरिका से मिले सहयोग के प्रस्ताव पर कदम उठाने की बात कही। विनाशकारी भूकम्प और सुनामी से हुई तबाही में 10 दिन बीत जाने के बाद भी मरने वालों की निश्चित संख्या अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस विभाग के मुताबिक सोमवार की स्थिति के अनुसार प्राकृतिक विभीषिका में 9,079 लोग मारे गए हैं और 12,782 लोग लापता हैं। इनकी संख्या में और वृद्धि होने की सम्भावना जताई जा रही है। पूर्वोत्तर जापान में 11 मार्च को रिक्टर पैमाने पर नौ तीव्रता का भूकम्प आया था और इसके बाद तटीय इलाके सुनामी की लहरों की चपेट में आ गए थे। इन प्राकृतिक आपदाओं के चलते फुकुशिमा स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र के क्षतिग्रस्त होने के कारण तीन रिएक्टरों में विस्फोट भी हुए थे।
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