- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला करने की संभावना जताई है, हालांकि फिलहाल इसकी जरूरत ना होने का दावा भी किया
- ईरान ने तेहरान में ड्रोन और छोटे विमानों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया है
- संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान, लेबनान और इराक में अपने नागरिकों को लौटने के लिए कहा है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से ईरान पर हमले के संकेत दिए हैं. अमेरिकी नेता ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इसकी जरूरत है पर शायद जरूरत पड़ सकती है. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि ईरान वार्ता में बाधा डाल रहा है, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि उनके और कुछ अन्य लोगों के अलावा किसी को नहीं पता कि वार्ता किस बारे में है. वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी को सैन्य अभियानों का विस्तार बताते हुए इसे असहनीय बताया है.
ईरान क्या कर रहा?
ईरान में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय: ईरान की राजधानी तेहरान में गुरुवार रात छोटे विमानों और ड्रोन का मुकाबला करने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं. ईरान की तनसीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने इनके आवाज सुनने का दावा किया है. ईरान अपनी शर्तों पर बातचीत करना चाहता है. ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने भी साफ कर दिया है कि ईरान अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों की रक्षा अपनी जमीन, पानी और हवा की तरह करेगा. साफ है कि अमेरिका के आगे वो झुकने को तैयार नहीं है, हां, पर बात करने से इनकार भी नहीं कर रहा है. वहीं खबरों के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ, दोनों मिलकर विदेश मंत्री अब्बास अराघची को हटाने की मांग कर रहे हैं. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों नेताओं ने अराघची पर आरोप लगाया है कि वे राष्ट्रपति पेजेशकियन को नजरअंदाज करके इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के निर्देशों पर अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं.

खाड़ी क्षेत्र में क्या माहौल?
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपने नागरिकों से ईरान, लेबनान और इराक छोड़ने का आग्रह किया है. संयुक्त अरब अमीरात ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों का हवाला देते हुए अपने नागरिकों के इन तीनों देशों की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है और वहां पहले से मौजूद लोगों से तुरंत देश छोड़ने और घर लौटने का आह्वान किया है. संयुक्त अरब अमीरात ओपेक से भी अलग हो गया है और सऊदी से उसके रिश्ते बेहद नाजुक मोड़ पर हैं. खाड़ी में दोनों शक्तिशाली देशों के बीच अब वर्चस्व की लड़ाई छिड़ गई हैं. इससे खाड़ी में ईरान युद्ध के बाद भी शांति की उम्मीद कम ही दिख रही है.

अमेरिका का प्लान
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं को हुए नुकसान का हवाला दिया और युद्ध समाप्त होने के बाद पेट्रोल की कीमतों में गिरावट की भविष्यवाणी की. ये भी खबरें हैं कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस स्थिति का आकलन कर रही हैं कि अगर ट्रंप अचानक खुद को विजेता घोषित करते हुए युद्ध को बंद कर दें तो इससे अमेरिका और उसके सहयोगियों का क्या कोई नुकसान होगा? साथ ही अमेरिका खुफिया एजेंसियां ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर भी चिंतित हैं.

इजरायल किस तैयारी में?
इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने कहा कि उनके देश को जल्द ही ईरान के खिलाफ फिर से कार्रवाई करनी पड़ सकती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस्लामी गणराज्य "एक बार फिर इजराइल के लिए खतरा न बने. इजरायल डिफेंस मिनिस्ट्री के हवाले से द इजरायल टाइम्स और द जेरूसलम पोस्ट ने खबर छापी है कि इस हफ्ते अमेरिका से दो बड़े जहाज और कई विमान इजरायल पहुंचे हैं. इनमें 6,500 टन (6,500,000 किलोग्राम) हवाई और जमीनी हथियार, सैन्य ट्रक, जॉइंट लाइट टैक्टिकल व्हीकल (JLTV) और अन्य सैन्य सामान शामिल था.
लेबनान का माहौल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे इस महीने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बातचीत के लिए व्हाइट हाउस आमंत्रित करेंगे. हालांकि, हिज्बुल्लाब इससे नाराज है. वहीं खबर है कि सऊदी भी इसमें मध्यस्थ्ता के लिए काम कर रहा है. इस तरह से लेबनान सरकार में भी दो-फाड़ की स्थिति है कि इजरायल से बात की जाए या नहीं.
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