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अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार, MQ-9 ड्रोन गिराने का दावा, सुप्रीम लीडर ने ट्रंप को दी नई चेतावनी

अमेरिका ने ईरान के मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंगें बिछाने वाली नौकाओं पर मिसाइलें दागीं, तो तेहरान ने पलटवार करते हुए दुश्‍मन देश का ड्रोन मार गिराया है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप को चेतावनी दी है कि समय का पहिया पीछे नहीं घूमेगा और खाड़ी देश और भूमि अब अमेरिकी सैन्य अड्डों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे.

अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार, MQ-9 ड्रोन गिराने का दावा, सुप्रीम लीडर ने ट्रंप को दी नई चेतावनी
युद्धविराम उल्लंघन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करना ईरान का अधिकार: ईरानी सेना
  • अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट और बारूदी सुरंगें बिछाने वाली नौकाओं पर हमला किया था
  • ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को ईरानी हवाई क्षेत्र में मार गिराया
  • ईरानी सेना ने एक आरक्यू-4 ड्रोन और एक एफ-35 लड़ाकू विमान पर भी गोलीबारी की, समय की जानकारी नहीं दी गई
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Iran US War: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर बढ़ता नजर आ रहा है. अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंगें बिछाने वाली नौकाओं पर हमला किया, तो  इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने अब पलटवार किया है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने बताया कि उन्‍होंने दुश्‍मन के एक एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है, जो ईरान के हवाई क्षेत्र में घुस आया था. वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने मंगलवार को सरकारी टेलीविजन पर जारी एक लिखित बयान में कहा कि खाड़ी देश अब अमेरिकी सैन्य अड्डों के लिए ढाल नहीं बनेंगे. 

युद्धविराम उल्लंघन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करना ईरान का अधिकार

ईरानी सेना ने कहा, "हमारी सेना ने एक आरक्यू-4 ड्रोन और एक घुसपैठ करने वाले एफ-35 लड़ाकू विमान पर भी गोलीबारी की." हालांकि, ये नहीं बताया गया कि विमान और ड्रोन पर हमला कितने बजे किया गया. आईआरजीसी ने कहा कि वह अमेरिका द्वारा किसी भी प्रकार के युद्धविराम उल्लंघन के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने का 'वैध और निश्चित' अधिकार सुरक्षित रखता है. यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने रॉकेट लॉन्च स्थलों पर 'रक्षात्मक' कार्रवाई के तहत हमला किया है. 

अमेरिकी सैन्य अड्डों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे खाड़ी देश
 

इधर, ईद अल-अधा के अवसर पर जारी एक संदेश में अयातुल्ला मोजतबा ने कहा, "यह बात निश्चित है कि समय का पहिया पीछे नहीं घूमेगा और खाड़ी देश और भूमि अब अमेरिकी सैन्य अड्डों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे." खामेनेई मार्च में पदभार संभालने के बाद से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं. उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के पास अब इस क्षेत्र में आक्रामकता और सैन्य अड्डों को बनाने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है और वह हर गुजरते दिन के साथ अपनी पहले की स्थिति से और दूर होता जा रहा है.

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ईरान और अमेरिका की ओर से ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब दोनों देश 28 फरवरी को शुरू हुए और पूरे क्षेत्र में फैले युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर पहुंचने के मकसद से बातचीत जारी रखे हुए हैं. ईरान और अमेरिका के बीच 8 अप्रैल से युद्धविराम लागू है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि तेहरान और वाशिंगटन ने युद्ध समाप्ति के समझौते को लेकर हुई बातचीत में कई मुद्दों पर सहमति जताई है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी है कि समझौता अभी जल्द होने की संभावना नहीं है.  

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