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This Article is From Mar 26, 2026

ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित ज़मीनी युद्ध के लिए 10 लाख से ज़्यादा लड़ाके जुटाए, रिपोर्ट में दावा

पूरे ईरान में भर्ती केंद्रों पर युवा वॉलंटियर बड़ी संख्या में उमड़ रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि भर्ती केंद्रों पर युवाओं की ये भीड़ अमेरिका के साथ संभावित ज़मीनी युद्ध में शामिल होने को लेकर है.

ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित ज़मीनी युद्ध के लिए 10 लाख से ज़्यादा लड़ाके जुटाए, रिपोर्ट में दावा
ईरान में 10 लाख युवा अमेरिका के खिलाफ लड़ने को तैयार
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  • ईरान ने अमेरिका को जवाब देने के लिए अपने दस लाख से अधिक ज़मीनी फाइटर्स को युद्ध के लिए तैयार कर रखा है
  • अमेरिकी नौसेना के दो मरीन एसॉल्ट जहाज और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिक ईरान की ओर बढ़ रहे हैं
  • राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से मिली तेल से भरी नावों को महत्वपूर्ण तोहफ़ा बताया और उनकी मौजूदगी की पुष्टि की है

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच जहां एक तरफ अमेरिका ईरान में अपनी सेना उतारने की तैयारी में है, वहीं अब ईरान भी अमेरिकी का इस कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अपनी तैयारियों को आखिरी रूप देता दिख रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने अमेरिका को करारा जवाब देने के लिए अपने 10 लाख फाइटर्स को तैयार करके रखा है. इस समय अमेरिकी नौसेना के दो मरीन एसॉल्ट जहाज USS ट्रिपोली और USS बॉक्सर पूरी गति से ईरान की ओर बढ़ रहे हैं. अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिक इस समय ईरान की ओर जा रहे हैं. अमेरिका के पहले से ही खाड़ी क्षेत्र में लगभग 50,000 सैनिक तैनात हैं. सवाल है कि अगर ट्रंप ने सेना उतारने का आदेश दे दिया तो अमेरिकी सेना कैसे इस ऑपरेशन को अंजाम दे सकती है. 

खबरों के मुताबिक, पूरे ईरान में भर्ती केंद्रों पर युवा वॉलंटियर बड़ी संख्या में उमड़ रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि भर्ती केंद्रों पर युवाओं की ये भीड़ अमेरिका के साथ संभावित ज़मीनी युद्ध में शामिल होने को लेकर है. कहा जा रहा है कि ईरान 10 लाख से ज़्यादा ज़मीनी लड़ाकों को जुटा रहा है. तेहरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से बताया कि इन बलों को संगठित कर लिया गया है और वे युद्ध के लिए तैयार हैं. यह स्थिति बासिज, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) और सेना द्वारा संचालित केंद्रों पर नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ने के बाद सामने आई है.

एजेंसी का कहना है कि ईरानी ज़मीनी लड़ाकों में ईरानी धरती पर अमेरिकियों के लिए "ऐतिहासिक नरक" बनाने का ज़बरदस्त उत्साह उमड़ पड़ा है. ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं जब अमेरिकी सैन्य गतिविधियां जारी हैं; संभावना है कि 82वीं एयरबोर्न डिवीज़न के चुनिंदा सैनिक कुछ ही दिनों में मध्य-पूर्व पहुंच जाएंगे, जहां वे पहले से मौजूद हज़ारों मरीन सैनिकों के साथ शामिल हो जाएंगे.

डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे के बावजूद कि बातचीत चल रही है, तेहरान ने वाशिंगटन के किसी भी कूटनीतिक प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से ठुकरा दिया है और चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सैनिक ईरानी धरती पर उतरे, तो इसका गंभीर परिणाम होंगे. खास बात ये है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले संकेत दिया था कि ईरान ने सद्भावना के तौर पर एक "रहस्यमयी तोहफ़ा" भेजा था, हालांकि उस समय उन्होंने इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी थी. उन्होंने इसे एक बहुत ही महत्वपूर्ण और भारी कीमत वाला तोहफ़ा बताया था.ट्रंप ने कहा था कि आपको यह दिखाने के लिए कि हम असली हैं, ठोस हैं और हम सचमुच मौजूद हैं, हम आपको तेल से भरी आठ नावें देंगे, आठ नावें, तेल से भरी आठ बड़ी नावें. मुझे लगता है कि वे सही थे, और वे सचमुच असली थे; और मुझे लगता है कि उन पर पाकिस्तान का झंडा लगा हुआ था.आखिर में, वे 10 नावें निकलीं.

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