- संयुक्त अरब अमीरात के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे एक बिजली जनरेटर में आग लगी।
- इस हमले से कोई रेडियोएक्टिव रिसाव या कोई घायल होने की सूचना नहीं मिली है
- ईरान पर शक जताया जा रहा है क्योंकि उसने UAE को युद्ध के दौरान इजरायल का समर्थन देने का आरोप लगाया है
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर एक ड्रोन हमला हुआ है. इस हमले से प्लांट के बाहर लगा एक बिजली जनरेटर में आग लग गई. इससे ईरान युद्ध में पहले से ही नाजुक चल रही सीजफायर की स्थिति पर फिर से तनाव बढ़ गया है.
अबू धाबी के अधिकारियों ने बताया कि इस हमले की जिम्मेदारी अब तक किसी ने नहीं ली है. इस हमले से न तो कोई रेडियोएक्टिव लीकेज हुआ और न ही कोई घायल हुआ है.
हालांकि, इस हमले के लिए ईरान पर शक जताया जा रहा है, क्योंकि अमेरिका से जारी जंग के बीच वह लगातार UAE को लगातार धमकियां दे रहा था. ईरान का मानना है कि युद्ध के दौरान UAE ने इजरायल के आयरन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम और सैनिकों को अपने यहां पनाह दी थी.
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यह हमला ऐसे वक्त हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. सीजफायर को लेकर बातचीत आगे न बढ़ पाने के कारण अमेरिका लगातार जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के बंदरगाहों को ब्लॉक कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि जंग फिर से शुरू हो सकती है. वहीं, ईरान के सरकारी टीवी पर बार-बार ऐसे कार्यक्रम दिखाए जा रहे हैं, जिनमें एंकरों के हाथों में राइफलें होती हैं. ऐसा करके जनता को युद्ध के लिए तैयार करने की कोशिश की जा रही है. इसी बीच हाल ही में लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच भी हमले बढ़े हैं, जिससे वहां लागू सीजफायर टूटने का खतरा भी बढ़ गया है.
Authorities in Abu Dhabi responded to a fire incident that broke out in an electrical generator outside the inner perimeter of the Barakah Nuclear Power Plant in the Al Dhafra Region, caused by a drone strike. No injuries were reported, and there was no impact on radiological…
— مكتب أبوظبي الإعلامي (@ADMediaOffice) May 17, 2026
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान लगातार खाड़ी देशों पर हमला कर रहा है. अब रविवार को अबू धाबी के अल धाफरा रीजन में बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन अटैक हुआ, जिससे एक जेनरेटर में आग लग गई.
अबू धाबी के अधिकारियों ने बताया कि फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने इस बात को कंफर्म किया है कि इस आग से न तो पावर प्लांट की सेफ्टी पर कोई असर पड़ा है और न ही उसके जरूरी सिस्टमों को नुकसान पहुंचा है. प्लांट की सभी यूनिट भी पहले की तरह ही काम कर रही हैं.
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कितना खास है बराकाह पावर प्लांट?
बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट UAE ने 20 अरब डॉलर की लागतर से साउथ कोरिया की मदद से तैयार किया था. यह पावर प्लांट 2020 में चालू हुआ था. यह अरब में बना पहला और एकमात्र न्यूक्लियर पावर प्लांट है.
UAE की 25% जरूरत इसी प्लांट से पूरी होती है. इतना ही नहीं, यह पूरे अरब वर्ल्ड का पहला कमर्शियल न्यूक्लियर पावर प्लांट भी है.
इस पावर प्लांट में 4 रिएक्टर हैं. यह प्लांट अबू धाबी के सूदूर पश्चिमी रेगिस्तानी इलाके में बना है, जो सऊदी अरब की सीमा के काफी करीब है.
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