- इजरायल और अमेरिका के प्री-एम्प्टिव मिसाइल हमलों के बाद ईरान ने अपना पूरा हवाई क्षेत्र बंद कर दिया.
- इजरायल ने अयातुल्लाह खामेनेई के दफ्तर के आसपास हमला किया, लेकिन हताहतों की पुष्टि नहीं हुई है.
- हमले के बाद इजरायल ने अपने एयरस्पेस को भी बंद कर दिया और संभावित जवाबी हमलों की तैयारी शुरू की.
इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए ‘प्री‑एम्प्टिव' मिसाइल हमलों के बाद ईरान ने शनिवार अपना पूरा हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद कर दिया. फ्लाइट ट्रैकर्स के अनुसार, नागरिक उड़ानें अचानक तेजी से रूट बदलकर ईरानी हवाई क्षेत्र से बाहर निकलने लगीं.
इजरायल का हमले सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के दफ्तर के आसपास हुआ. यह स्पष्ट नहीं है कि हमले के समय 86 वर्षीय ख़ामेनेई वहां मौजूद थे या नहीं.
कई महीनों से चल रही थी हमले की प्लानिंग
एक इजरायली रक्षा अधिकारी के अनुसार, यह पूरा ऑपरेशन महीनों से प्लान किया गया था. अभी तक किसी तरह के हताहतों की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.
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तेल अवीव में भी सायरन, इजरायली एयरस्पेस बंद
हमले के बाद इजरायल में भी सायरन बजने लगे. इजरायल ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है और सेना ने संभावित जवाबी हमलों की तैयारी शुरू कर दी है.
पश्चिम एशिया में नया संकट
इजरायल का हमला और एयरस्पेस बंद होने से पूरा क्षेत्र फिर से गंभीर सैन्य टकराव की तरफ बढ़ गया है. इसी बीच ईरान और अमेरिका के बीच न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर बातचीत भी ठप पड़ती दिख रही है.
अमेरिका की शर्तें
- ईरान स्थायी तौर पर हथियार‑ग्रेड एनरिचमेंट न करे.
- अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण (Inspections) स्वीकार करे.
- मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाए.
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ईरान इन आरोपों से इनकार करता रहा है और कहता है कि उसका न्यूक्लियर प्रोग्राम पूरी तरह शांतिपूर्ण है, हालांकि वह प्रतिबंध हटाने के बदले कुछ सीमाओं पर चर्चा करने को तैयार है.
ट्रंप का बयान: ‘खुश नहीं हूं'
हमले से कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वे ईरान के साथ चल रही बातचीत से खुश नहीं हैं, लेकिन युद्ध टालने के लिए बातचीत को कुछ और समय दिया जा सकता है. इससे पहले अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए क्षेत्र में भारी सैन्य तैनाती, युद्धपोतों और फाइटर जेट्स की तादाद बढ़ा दी थी. स्थिति लगातार बदल रही है और आने वाले घंटे पश्चिम एशिया की दिशा तय कर सकते हैं.
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